मुजफ्फरनगर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के खत्म होते ही शहर की “चमक-दमक” भी धीरे-धीरे समेटी जाने लगी है। कार्यक्रम से पहले डिवाइडरों पर सजाए गए हरे-भरे पौधे और गमले अब हटाए जा रहे हैं, मानो उनका काम सिर्फ वीआईपी स्वागत तक ही सीमित था।
शहरवासियों के बीच इसको लेकर चर्चा तेज है। लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि क्या ये हरियाली सिर्फ कैमरों और खास मेहमानों के लिए ही थी? कार्यक्रम खत्म होते ही वही पुराने नजारे लौटने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर इन पौधों को स्थायी रूप से रखा जाता, तो शहर की सुंदरता में सच में चार चांद लग सकते थे। फिलहाल, डिवाइडरों से हरियाली हटने के साथ ही “सजावटी विकास” भी विदा होता नजर आ रहा है।
