SugarcaneFarmers GannaNiyantranAadesh2026
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा वापस लेने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों, गुड़ एवं खांडसारी उद्योग के हित में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला बताया है। संगठन ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और किसान हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संगठन के अनुसार प्रस्तावित आदेश के कुछ प्रावधानों को लेकर गन्ना किसानों तथा गुड़-खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों में आशंकाएं थीं। इन चिंताओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के समक्ष मजबूती से किसानों का पक्ष रखा था। संगठन के आह्वान पर हजारों किसानों ने ईमेल के माध्यम से अपने सुझाव भी भेजे थे। केवल बिजनौर जनपद से ही करीब 2000 किसानों ने संगठन के माध्यम से अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराए थे।
भाकियू अराजनैतिक ने बताया कि संगठन ने केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के समक्ष भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। जयंत चौधरी ने किसानों की चिंताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जिसके बाद इस विषय पर गंभीरता से विचार किया गया।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, मसौदे पर राज्य सरकारों एवं अन्य संबंधित पक्षों से बड़ी संख्या में सुझाव और टिप्पणियां प्राप्त हुई थीं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने महसूस किया कि प्रस्तावित आदेश पर और अधिक विचार-विमर्श तथा समीक्षा की आवश्यकता है। इसी के चलते मसौदे को फिलहाल वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath तथा केंद्रीय मंत्री Jayant Chaudhary का आभार व्यक्त किया है। संगठन का कहना है कि किसान, गुड़ और खांडसारी उद्योग के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक साबित होगा।
