सहारनपुर से एक गंभीर और दुखद मामला सामने आया है। सहारनपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन पर वेतन बकाया रखने और मैचों में कथित तौर पर गलत फैसले देने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए एक युवा अंपायर ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया। अंपायर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
मामला लतीफपुर गांव का है, जहां बुधवार सुबह करीब 10 बजे 12 वर्षों से अंपायरिंग कर रहे विकास सैनी सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिले। राहगीरों ने उन्हें पहचानने के बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर विकास का छोटा भाई सचिन भी मौके पर पहुंच गया।पुलिस के अनुसार, विकास की जेब से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें उसने दावा किया है कि वह करीब 12 वर्षों से सहारनपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के लिए अंपायरिंग कर रहा है और उसका लगभग 90 हजार रुपये का भुगतान बकाया है।
नोट में विकास ने यह भी आरोप लगाया है कि एसोसिएशन से जुड़े कुछ लोग उस पर मैचों में गलत फैसले देने का दबाव बनाते थे। विरोध करने पर कथित रूप से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। विकास के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एसोसिएशन से संबंधित पोस्ट किए जाने के बाद उसके खिलाफ मंडी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
वहीं, एसोसिएशन के सचिव यशपाल ने इन आरोपों पर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि एसोसिएशन के लोगो के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर मामला मंडी थाने पहुंचा था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।
पुलिस ने विकास को पहले सीएचसी पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीओ जितेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस को कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है और तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।अब पुलिस जांच और विकास सैनी के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। फिलहाल युवा अंपायर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका उपचार जारी है।
