मेरठ CTET केंद्र में ब्रेन हेमरेज से शिक्षक वैभव सिंघल की दुखद मौत
सीटीईटी परीक्षा केंद्र में ब्रेन हेमरेज से शिक्षक वैभव सिंघल की दुखद मौत

सीटीईटी परीक्षा का दर्द: मुज़फ्फरनगर में शिक्षक वैभव सिंघल की ब्रेन हैमरेज से दर्दनाक मौत
मुज़फ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक के ग्राम बढ़ीवाला स्थित कम्पोजिट विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक वैभव सिंघल की मेरठ में सीटीईटी परीक्षा के दौरान ब्रेन हैमरेज से असामयिक मौत हो गई। वे परीक्षा कक्ष में अचानक बेहोश हो गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की पूरी जानकारी
वैभव सिंघल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मेरठ के डीपीएस स्कूल में सीटीईटी परीक्षा देने गए थे, जहां कक्षा में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने ब्रेन हैमरेज की पुष्टि की और उपचार के बावजूद वे बच न सके।
परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके निधन से पुरकाजी ब्लॉक के शिक्षा विभाग, ग्रामवासियों और विद्यार्थियों में शोक की लहर दौड़ गई।
अंतिम संस्कार और प्रशासनिक सम्मान
नई मंडी शमशान घाट पर वैभव सिंघल को अंतिम विदाई दी गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
उन्होंने हर संभव प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अंतिम संस्कार में मौजूद नहीं थे।
सहकर्मियों और संगठनों की प्रतिक्रिया
विद्यालय में शोकसभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखा गया। सहकर्मियों ने बताया कि वैभव एक कर्तव्यनिष्ठ, सरल स्वभाव के शिक्षक थे, जो विद्यार्थियों के प्रिय थे।
भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामरतन वर्मा ने कहा, “टीईटी का दानव एक और जिंदगी ले गया। सरकार चाहे तो शिक्षकों को इस तनाव से बचा सकती है।”
शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा तनाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वैभव सिंघल की कमी शिक्षा जगत में लंबे समय तक महसूस होगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
निष्कर्ष
वैभव सिंघल की दुखद घटना का सार
यह घटना सीटीईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े तनाव को उजागर करती है। शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना अब आवश्यक हो गया है।
आगे की राह
सरकार को TET परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए ताकि ऐसी त्रासदियां न हों। वैभव सिंघल की स्मृति में उनके परिवार को सहायता प्रदान करें और शिक्षा जगत इस दर्द से सीख ले।
