मुजफ्फरनगर में बढ़ते प्रदूषण पर विधायक राजपाल बालियान का तीखा प्रहार
मुजफ्फरनगर जनपद में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर और बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक राजपाल बालियान ने तीखे तेवर अपनाए हैं। उन्होंने मील मालिकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और कचरा जलाना स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य व खेती को नुकसान पहुंचा रहा है।
प्रदूषण का बढ़ता संकट
जनपद में पेपर मिलों और अन्य उद्योगों से निकलने वाले धुले राख, काली धुंध तथा गीले कूड़े के जलने से वायु प्रदूषण चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य समस्याओं जैसे सांस की बीमारियां तथा फसलें खराब होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रशासन ने हाल ही में किसानों, ग्रामीणों तथा उद्योगपतियों के बीच बैठक बुलाकर मध्यस्थता की, जिसमें सुधार के उपाय सुझाए गए
बढ़ते प्रदूषण पर विधायक राजपाल बालियान का बड़ा हमला, मील मालिकों पर लगाए गंभीर आरोप
मुजफ्फरनगर जनपद में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर और बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक राजपाल बालियान ने तीखे तेवर अपनाए हैं। विधायक ने जिले में फैलते प्रदूषण के लिए सीधे तौर पर फैक्ट्रियों के मालिकों को जिम्मेदार ठहराया है।
राजपाल बालियान ने अपने बयान में कहा कि मुजफ्फरनगर में प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण मील मालिकों की हठधर्मिता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपति नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियां संचालित कर रहे हैं। मिलों से निकलने वाला धुआं और अपशिष्ट पदार्थ आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन मील मालिक अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
विधायक ने संकेत दिया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की ढील के कारण इन मिल मालिकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा:
”जिले की जनता सांस लेने को मोहताज है, बीमारियां बढ़ रही हैं, लेकिन मिल मालिक सिर्फ अपने मुनाफे के लिए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस हठधर्मिता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर का प्रदूषण संकट अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां विधायक राजपाल बालियान की मील मालिकों पर गंभीर आरोपों ने जनता में आक्रोश भड़का दिया है। प्रशासन को सख्त कार्रवाई कर हवा की गुणवत्ता सुधारनी होगी, वरना किसान आंदोलन तेज हो सकता है। यह मुद्दा पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की मांग करता है
