उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 3 नई डायलिसिस मशीनों की स्थापना की गई, जिनका उद्घाटन विधान परिषद सभापति मानवेंद्र सिंह ने किया, ताकि जालौन के किडनी रोगी अब महंगे निजी अस्पतालों या बाहर के शहरों में न जाकर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज से लाभान्वित हो सकें।
उरई मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस मशीनें स्थापित, विधान परिषद सभापति ने किया उद्घाटन
UP NEWS UPDATE :राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में किडनी रोगियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में तीन डायलिसिस मशीनों की स्थापना की गई। विधान परिषद के सभापति मानवेंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि फीता काटकर इन मशीनों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, चिकित्सा अधीक्षक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभापति विधान परिषद मानवेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि डायलिसिस मशीनों की स्थापना से जिले भर के किडनी मरीजों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा, अब न सिर्फ उरई शहर के, बल्कि आसपास के दूरदराज के गांवों और कस्बों से आने वाले मरीज भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्हें महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही बाहर जिलों में भटकना होगा।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि उरई के जिला अस्पताल में पहले से ही 10 डायलिसिस मशीनें कार्यरत हैं। अब मेडिकल कॉलेज में चार नई मशीनों के आ जाने से कुल मिलाकर 14 मशीनों से मरीजों की सेवा होगी। उन्होंने कहा, मशीनों के आने से यहां भर्ती मरीजों को निश्चित तौर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। डायलिसिस के लिए अब लंबी कतारों और इंतजार की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
जिलाधिकारी ने आगे बताया कि प्रशासन ने शासन से न्यूरो और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की मांग भी की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही ये सुविधाएं भी मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध करा दी जाएंगी। इससे सिर में चोट, स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। कई मरीजों का कहना था कि अब उन्हें झांसी या कानपुर जैसे बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज में नई डायलिसिस मशीनों की स्थापना से किडनी रोगियों को जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है।
निष्कर्ष
उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस मशीनों की स्थापना ने जालौन के किडनी रोगियों के लिए एक जीवनरक्षक सुविधा की शुरुआत की है। अब लोगों को कानपुर, झांसी या लखनऊ जैसे बड़े शहरों का चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी और आर्थिक बोझ से भी परेशानी कम होगी। यह कदम न केवल इलाज की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि जन स्वास्थ्य व्यवस्था पर सकारात्मक असर डालेगा। भविष्य में और आधुनिक सुविधाओं के जुड़ने की उम्मीद से जालौन के निवासी यहीं उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधा पाने की आस लगाए बैठे हैं।
