Supreme Court Breaking News
नई दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत और सजा पर रोक के आदेश को स्थगित कर दिया है।
यह आदेश सीबीआई द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए पारित किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने की।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले में कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गंभीर प्रश्न शामिल हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि सामान्यतः बिना सुने किसी आरोपी की जमानत पर रोक नहीं लगाई जाती, लेकिन इस मामले के तथ्य “असाधारण” हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने 26 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सेंगर की अपील लंबित रहने तक आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगाई गई थी।
कुलदीप सेंगर को दिसंबर 2019 में विशेष सीबीआई अदालत ने उन्नाव जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
