उन्नाव में 19 हेलीपैड: विकास की नई उड़ान!
उन्नाव को 19 नए हेलीपैड, मुख्य सचिव के आदेश पर शुरू प्रक्रिया
UP NEWS UPDATE :उन्नाव में जिला मुख्यालय समेत तहसीलों-ब्लॉकों पर बनेंगे 19 स्थायी हेलीपैड, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
उन्नाव जिले में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालय, छह तहसीलों और 12 ब्लॉकों में कुल 19 स्थायी हेलीपैड निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन को भूमि चिह्नांकन कर रिपोर्ट भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं। एक हेलीपैड बनाने में लगभग 30 से 40 लाख रुपये का खर्च आएगा।
अभी तक जिले में एक भी स्थायी हेलीपैड नहीं है। मंत्रियों या उच्च अधिकारियों के दौरे पर हर बार आनन-फानन में अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं, जो उनके लौटते ही बेकार हो जाते हैं। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही थी। अब स्थायी हेलीपैड बनने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
मुख्य सचिव के निर्देशों पर डीएम ने की त्वरित कार्रवाई
पिछले दिनों मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए थे। उन्होंने जिला मुख्यालय के साथ ही तहसील और ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड निर्माण की योजना बताई। भूमि चिह्नांकन कर शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) गौरांग राठी ने तुरंत एसडीएम को हेलीपैड के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंताओं के अनुसार, सीसी सतह वाले हेलीपैड का निर्माण 30-40 लाख में पूरा हो सकेगा। भूमि चिह्नांकन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
डीएम गौरांग राठी का बाइट:
“प्रदेश सरकार के निर्देश पर हम जल्द से जल्द हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील-ब्लॉक स्तर पर भूमि चिह्नांकन पूरा कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इससे जिले का हवाई संपर्क मजबूत होगा और आपातकालीन सेवाएं बेहतर होंगी।”
क्यों सिर्फ 12 ब्लॉकों में हेलीपैड, समझिए गणना
जिले में कुल 16 ब्लॉक हैं, लेकिन चार ब्लॉक—बांगरमऊ, हसनगंज, सफीपुर आदि—तहसील परिसर में ही स्थित हैं। इसलिए एक ही परिसर में तहसील-ब्लॉक के लिए एक हेलीपैड पर्याप्त होगा। इस आधार पर:
- 1 जिला मुख्यालय
- 6 तहसीलें
- 12 ब्लॉक
कुल 19 हेलीपैड बनेंगे। प्रत्येक हेलीपैड से सड़क तक एप्रोच रोड अलग से बनेगी। कुछ जगहों पर यह दूरी 200 मीटर तो कहीं 300 मीटर तक हो सकती है। इसके लिए अलग प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
यह कदम न केवल सरकारी खर्च बचाएगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और अधिकारियों के दौरे को सुगम बनाएगा। जिले में हेलीपैड बनने से विकास की गति और तेज हो जाएगी।
निष्कर्ष
उन्नाव हेलीपैड न्यूज़ आर्टिकल के लिए निष्कर्ष
उन्नाव जिले में 19 स्थायी हेलीपैड बनने से न केवल सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि हवाई संपर्क मजबूत होकर विकास की रफ्तार तेज होगी। मुख्य सचिव के निर्देशों पर डीएम गौरांग राठी की त्वरित कार्रवाई से जल्द ही यह योजना धरातल पर उतरेगी। आपातकालीन सेवाओं और अधिकारियों के दौरे आसान होंगे, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्नाव, 24 जनवरी 2026
रिपोर्टर: नीरज द्विवेदी
