ममता का दमदार ऐलान: “दुष्ट ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे!”
टीएमसी स्थापना दिवस: ममता बनर्जी का संकल्प, ‘दुष्ट ताकतों’ के आगे नहीं झुकेंगे

टीएमसी स्थापना दिवस: ममता बनर्जी का संकल्प, ‘दुष्ट ताकतों’ के आगे नहीं झुकेंगे
कोलकाता: एक जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी जनता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी और “दुष्ट
ताकतों” के सामने नहीं झुकेगी।
बनर्जी ने कहा कि पार्टी की इस “ऐतिहासिक यात्रा” का मूल मार्गदर्शक सिद्धांत मातृभूमि का सम्मान, बंगाल का विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि ‘मां, माटी, मानुष’ की सेवा के लक्ष्य के साथ पार्टी का सफर एक जनवरी, 1998 को शुरू हुआ था।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की “निष्ठा और त्याग” की सराहना करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज भी हमारी पार्टी का हर कार्यकर्ता और समर्थक इस लक्ष्य के प्रति अडिग और प्रतिबद्ध है।”
बनर्जी ने कहा कि पार्टी को “अनगिनत लोगों के स्नेह, प्रेम और दुआओं का आशीर्वाद मिला है”। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता का यही समर्थन पार्टी की शक्ति है और टीएमसी देश के हर व्यक्ति के अधिकार की लड़ाई के लिए पूरी तरह संकल्पित रहेगी।
उन्होंने कहा, “हम किसी भी दुर्भावनापूर्ण शक्ति के आगे नहीं झुकेंगे और तमाम विरोधों को दरकिनार करते हुए, आम लोगों के लिए हमारा संघर्ष जीवन भर जारी रहेगा।”
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि टीएमसी की ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं और उनके अनुशासन व त्याग में निहित है।
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बदलाव के आंदोलन के रूप में जो शुरू हुआ था, वह अब एक शक्तिशाली लोकतांत्रिक ताकत बन गया है। जब तक टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ से जुड़ी है, तब तक कोई भी अहंकारी या दमनकारी शक्ति बंगाल के सामूहिक संकल्प को नहीं हरा सकती।”
उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे बंगाल विरोधी शक्तियों को जनता की आवाज दबाने नहीं देंगे।

राजनीतिक संदेश और मौजूदा सियासी परिदृश्य
- ममता बनर्जी का “दुष्ट ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे” वाला बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विपक्षी दल टीएमसी सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं।
- उन्होंने अपने संदेश में परोक्ष रूप से यह संकेत दिया कि केंद्र से लेकर राज्य तक, किसी भी प्रकार के “दबाव, धमकी और एजेंसियों के दुरुपयोग” के बावजूद टीएमसी पीछे हटने वाली नहीं है।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की ललकार के जरिए टीएमसी आगामी चुनावों से पहले अपने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने और ‘संघर्षशील पार्टी’ की छवि को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अभिषेक बनर्जी और पार्टी की आगे की रणनीति
- टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी स्थापना दिवस पर एक्स पर पोस्ट कर जमीनी कार्यकर्ताओं को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें अनुशासन, बलिदान और भरोसे का प्रतीक कहा।
- उन्होंने लिखा कि परिवर्तन के आंदोलन के रूप में शुरू हुई टीएमसी अब एक “शक्तिशाली लोकतांत्रिक ताकत” में बदल गई है, जो बंगाल से आगे निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में भी अहम भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है।
- पार्टी नेतृत्व का संदेश साफ है कि अगले चरण में टीएमसी न केवल बंगाल की सत्ता बचाने पर फोकस करेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में भी अपनी उपस्थिति और भूमिका बढ़ाने के लिए आक्रामक तेवर अपनाए रखेगी।

निष्कर्ष
टीएमसी के 28वें स्थापना दिवस पर ममता बनर्जी का “दुष्ट ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे” वाला संकल्प पार्टी को आगामी चुनावों के लिए मजबूत संदेश देता है, जो बंगाल की राजनीति में उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
यह बयान विपक्षी दबावों के बीच कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और “मां-माटी-मानुष” के सिद्धांत को पुनः स्थापित करने का प्रयास है, जो टीएमसी को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाए रखेगा।
कुल मिलाकर, ममता का यह ऐलान न केवल पार्टी की ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाता है, बल्कि भविष्य के संघर्षों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा।
