पूर्व मंत्री व IOA चीफ का निधन, CWG विवादों से खेल जगत का चेहरा अब शोक में।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का 6 जनवरी की तड़के पुणे में 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे कई दिनों से पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उपचाररत थे और सुबह लगभग 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
निधन और अंतिम संस्कार
- सुरेश कलमाड़ी का निधन मंगलवार तड़के पुणे में हुआ, जहां वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
- वे दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल, पुणे में भर्ती थे और करीब 3:30 बजे सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की गई।
- उनके पार्थिव शरीर को पुणे के एरंडवाने स्थित ‘कलमाड़ी हाउस’ में दोपहर 2 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
- अंतिम संस्कार पुणे के नवी पेठ स्थित वैकुंठ स्मशानभूमि में आज दोपहर 3:30 बजे किया जाएगा।
राजनीतिक करियर
- सुरेश कलमाड़ी पुणे से कई बार लोकसभा सदस्य रहे और शहर के प्रभावशाली कांग्रेस सांसदों में गिने जाते थे।
- उन्होंने केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री (Minister of State for Railways) के रूप में कार्य किया और संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
- वे लंबे समय तक पुणे कांग्रेस के प्रमुख चेहरे रहे और शहर की आधारभूत संरचना व खेल से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय रहे।
खेल प्रशासन में भूमिका
- सुरेश कलमाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association – IOA) के पूर्व अध्यक्ष रहे और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रशासन का महत्वपूर्ण चेहरा थे।
- वे 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के प्रमुखों में शामिल रहे, जिसके कारण वे अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी सुर्खियों में रहे।
- उनकी अगुवाई में कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भारत में आयोजित हुए, हालांकि बाद के वर्षों में कॉमनवेल्थ घोटाले के कारण उनका कार्यकाल विवादों में भी घिरा।
विवाद और कानूनी मोर्चा
- 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सुरेश कलमाड़ी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज हुआ और उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार भी किया गया था।
- इन आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया, हालांकि खेल संगठनों में उनकी पकड़ लंबे समय तक बनी रही और उन्हें IOA का लाइफ प्रेज़िडेंट बनाने की कोशिश भी हुई, जिसे कड़ी आपत्ति के बाद उन्होंने ठुकरा दिया।
- हाल के वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहत मिली और दिल्ली की एक अदालत ने ED की क्लोज़र रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत न होने की बात कही।

परिवार और शोक संदेश
सुरेश कलमाड़ी अपने पीछे पत्नी, विवाहित पुत्र, पुत्रवधू, दो विवाहित पुत्रियां, दामाद और पोते-पोतियों सहित पूरा संयुक्त परिवार छोड़ गए हैं।
पुणे व महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें एक प्रभावशाली, लेकिन विवादों से घिरे नेता के रूप में याद किया जा रहा है और कई राजनीतिक व खेल हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
स्थानीय स्तर पर उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता ‘कलमाड़ी हाउस’ पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके राजनीतिक और खेल प्रशासनिक योगदान को लेकर संदेश साझा किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
सुरेश कलमाड़ी का निधन भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन के लिए एक युग का अंत है, जहां उन्होंने पुणे के विकास, रेल मंत्रालय और IOA अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विवादों के बावजूद, उनके खेल आयोजनों ने भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत पहचान दिलाई, जिसकी चर्चा आज भी जारी है। परिवार व समर्थकों के प्रति गहन शोक संवेदना, उनकी आत्मा को शांति मिले—भारतीय खेल जगत हमेशा उन्हें याद रखेगा।
