सीतापुर: शंकराचार्य का नैमिष धाम से गौ माता अभियान शुरू।
सीतापुर 88 हजार ऋषियों की तपोभूम भूमि पर पहुंचकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद ने दिया बयान
UP NEWS UPDATE :सीतापुर: 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि पर शंकराचार्य का गौ माता अभियान
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीतापुर के पवित्र नैमिष धाम पहुंचकर गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के अभियान का शुभारंभ किया। 88 हजार महर्षियों की तपोभूमि पर उन्होंने महर्षि दाधीच का आशीर्वाद लिया।
अभियान का उद्देश्य
स्वामी जी ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए यह यात्रा आवश्यक है। प्राचीन काल में राक्षसों द्वारा गायों को बंदी बनाने पर नैमिष क्षेत्र में महर्षि दाधीच ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। मिडिल ईस्ट युद्ध जैसी वैश्विक परेशानियां गौ माता की उपेक्षा का परिणाम हैं।
यात्रा का विवरण
नैमिष धाम से सिद्धौली होते हुए यात्रा आगे बढ़ी। प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के लिए नेटवर्क की कमी बताई। यह ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ 11 मार्च को लखनऊ में समाप्त होगी। वाराणसी से शुरू यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई और सीतापुर से गुजरी।
संदेश और अपील
शंकराचार्य ने गो संरक्षण को देशहित से जोड़ा। उन्होंने लोगों से अभियान में शामिल होने की अपील की। यह यात्रा गौ रक्षा के लिए जनजागरण का माध्यम बनेगी।
शंकराचार्य गौ माता अभियान का निष्कर्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नैमिष धाम की पावन भूमि से गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के अभियान को और मजबूत किया। महर्षि दाधीच के आशीर्वाद के साथ शुरू यह यात्रा वैश्विक संकटों का कारण गौ उपेक्षा बताती है। 11 मार्च को लखनऊ में बड़ा आंदोलन इसका चरम होगा।
