सहारनपुर तहसील: हुक्का पर किसान-एसडीएम तकरार, वीडियो वायरल।
सहारनपुर में हुक्का पीने से रोकने पर किसानों और एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक, वीडियो वायरल
सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारान तहसील परिसर में किसान मजदूर संगठन के धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब तहसील में हुक्का पीने को लेकर किसानों और एसडीएम डॉ. पूर्वा के बीच तीखी कहासुनी हो गई। अवैध कब्जों के विरोध में तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसान हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए, जिस पर एसडीएम ने आपत्ति जताते हुए उन्हें हुक्का पीने से मना कर दिया। एसडीएम द्वारा हुक्का बंद कराने की बात कहे जाने पर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए और इसे किसानों के मान-सम्मान से जोड़ते हुए विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों और प्रशासन के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में किसान एसडीएम को खरी-खरी सुनाते हुए साफ नजर आ रहे हैं। कुछ देर के लिए तहसील परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
किसानों का आक्रोश बढ़ता देख एसडीएम डॉ. पूर्वा अपने कार्यालय में चली गईं। इसके बाद भी किसान मजदूर संगठन का धरना देर शाम तक जारी रहा। इस धरने का नेतृत्व संगठन के जिला उपाध्यक्ष मोंटू राणा ने किया। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि रामपुर मनिहारान तहसील क्षेत्र के गांव नल्हेड़ा कला और पीपलों में स्थित सरकारी भूमि, जो बच्चों के अंत्येष्टि स्थल तथा मृत पशुओं को डालने के लिए राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, उस पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। संगठन का आरोप है कि उक्त भूमि को पूर्व में प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराया गया था, लेकिन बाद में फिर से उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन भूमाफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। धरने के दौरान किसानों ने कहा कि ठंड के मौसम में हुक्का पीना उनकी परंपरा और मान-सम्मान से जुड़ा है, इसमें हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अंत्येष्टि स्थल को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मांगें पूरी न होने पर किसान मजदूर संगठन ने अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी भी दी है।
सहारनपुर विवाद का निष्कर्ष
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान तहसील में हुक्का विवाद ने किसानों की जायज मांगों और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन की कमी उजागर की। अवैध कब्जों के खिलाफ धरना सही दिशा में था, लेकिन हुक्का पर तकरार ने मुद्दे को भावनात्मक बना दिया।
आगे की राह
- प्रशासन को सरकारी भूमि को तत्काल कब्जामुक्त कराना चाहिए।
- किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखते हुए परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित करना होगा।
- ऐसी घटनाओं से बचने हेतु संवाद और संवेदनशीलता दोनों पक्षों में बढ़ानी होगी।
