सहारनपुर: रविदास जयंती पर साधुओं पर हमले का खतरा, अघोरी गुरु कालीदास ने SSP से मांगी सुरक्षा।
ब्रेकिंग: यमुना तट पर आश्रम पर हमला बोले नशेड़ी, जयंती से पहले साधुओं को भगाने की धमकी
सहारनपुर ब्रेकिंग: रविदास जयंती पर साधुओं की हत्या की आशंका, अघोरी गुरु ने SSP से लगाई सुरक्षा की गुहार!
सहारनपुर में रविदास जयंती के अवसर पर साधु-संतों पर हमले और हत्या की आशंका से सनसनी फैल गई है। राष्ट्रीय साधु सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अघोरी गुरु कालीदास महाराज ने SSP को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की मांग की। यमुना तट पर महाकाली धाम के पास शरारती तत्वों का आतंक बढ़ गया है।
खतरे की पूरी कहानी
थाना सरसावा की पुलिस चौकी शाहजहांपुर क्षेत्र के यमुना तट पर स्थित महाकाली धाम आश्रम के पास रविदास कुटिया है। कुछ दिन पहले कुटिया में रहने वाले साधु पर हमला कर उसे जला दिया गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब बहरोलपुर और झरौली गांव के नशाखोर तत्व दल-बल के साथ आश्रम घुस आए, साधुओं को धमकाया और मारपीट की कोशिश की।
शरारती तत्वों का अल्टीमेटम
अघोरी गुरु कालीदास महाराज ने बताया कि आश्रम में माता काली की सिद्ध प्रतिमाएं और गुरुओं की समाधियां हैं, जहां वर्षों से साधना हो रही है। शरारती तत्व भूमि कब्जे की नीयत से मंदिर खाली करने की धमकी दे रहे हैं। रविदास जयंती पर साधुओं को बाहर निकालकर आश्रम जला देने की चेतावनी दी है।
SSP को मांग पत्र
अघोरी गुरु ने SSP से रविदास जयंती पर साधु-संतों, आश्रम, मंदिर और धर्म ध्वज की सुरक्षा की अपील की। उन्होंने कहा, “रविदास जयंती पर हमले की आशंका है। पहले भी साधु की कुटिया जलाई गई। प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करे।” जोगेन्द्र कल्याण द्वारा रिपोर्ट की गई यह घटना धार्मिक तनाव बढ़ा रही।
निष्कर्ष
SSP ने शिकायत मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है, लेकिन ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा। अघोरी गुरु कालीदास महाराज ने चेतावनी दी कि बिना सुरक्षा के जयंती मनाना खतरनाक होगा। साधु समुदाय में भय का माहौल है।
पुलिस प्रतिक्रिया
थाना सरसावा पुलिस ने शाहजहांपुर क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा दी। रविदास जयंती पर विशेष फोर्स तैनात करने की योजना। शरारती तत्वों पर नजर रखी जा रही।
सामाजिक अपील
राष्ट्रीय साधु सुरक्षा परिषद ने शांतिपूर्ण जयंती की अपील की। जोगेन्द्र कल्याण ने प्रशासन से त्वरित न्याय की मांग दोहराई। धार्मिक सद्भाव बनाए रखने का आह्वान।
