“खुशियों की वापसी — पुलिस ने लौटाए 172 मोबाइल।”
“नया साल, नई उम्मीद — सहारनपुर पुलिस ने लौटाए लाखों के चोरी और गुम मोबाइल”

यह एक शानदार स्थानीय रिपोर्ट का विषय है, जिसमें सहारनपुर पुलिस की सराहनीय पहल को दिखाया गया है। नीचे विस्तृत और आकर्षक न्यूज़ आर्टिकल दिया गया है, जो व्याकरणिक रूप से सही और पठनीयता के लिहाज़ से उत्कृष्ट रूप में तैयार किया गया है।
सहारनपुर पुलिस का नववर्ष तोहफा: 51 लाख रुपये के गुम हुए 172 मोबाइल लौटाए, लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
सहारनपुर। नववर्ष के अवसर पर सहारनपुर पुलिस ने आमजन को राहत और खुशी का बड़ा तोहफा दिया है। जनपद पुलिस ने तकनीकी सहायता और ईसीआईआर (ECIR) पोर्टल की मदद से चोरी या गुम हुए कुल 172 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंपे हैं। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 51 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह पहल न केवल आर्थिक दृष्टि से लोगों के लिए राहत लेकर आई, बल्कि पुलिस के प्रति जनता के भरोसे को भी और मजबूत किया है।
विशेष अभियान और तकनीकी मदद से मिली सफलता
सहायक पुलिस अधीक्षक सिमरन सिंह और एसपी ग्रामीण सागर जैन ने प्रेस वार्ता कर इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नववर्ष के मौके पर जिला पुलिस की विभिन्न टीमों ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत ईसीआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को ट्रैक किया गया। पोर्टल पर उपलब्ध मोबाइल नंबर और आईएमईआई (IMEI) के आधार पर तकनीकी रूप से लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद पुलिस टीमों ने मोबाइल फोन बरामद किए।
सहायक पुलिस अधीक्षक सिमरन सिंह ने कहा कि आज के समय में मोबाइल सिर्फ संपर्क का साधन नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की डिजिटल पहचान, व्यक्तिगत जानकारी, और शिक्षा व व्यवसाय से जुड़ा अहम हिस्सा बन चुका है। इसलिए इसका गुम होना किसी व्यक्ति के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य है कि आमजन की परेशानियों का त्वरित समाधान करते हुए उन्हें राहत पहुंचाई जाए।

मालिकों को सौंपते समय चेहरों पर झलकी खुशी
विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी और राहत साफ झलक रही थी। इस दौरान कई लोगों ने मंच से सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस पहल को “नववर्ष का सबसे बड़ा उपहार” बताया।
बरामद मोबाइल पाने वाली लता और भारती ने बताया कि मोबाइल के गुम हो जाने से वे काफी परेशान थीं क्योंकि उसमें उनकी पढ़ाई और काम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी थी। उन्होंने कहा,
“हमें मोबाइल भले थोड़ा देर से मिला, लेकिन पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है। हम पुलिस का धन्यवाद करते हैं।”
आगे भी जारी रहेगा भरोसे का अभियान
इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में लोगों की सुविधा, सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर किसी का मोबाइल गुम या चोरी हो जाए, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें और ECIR पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, ताकि पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सके।
सहारनपुर पुलिस की यह पहल अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है। इस सराहनीय कार्य ने यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक और समर्पित प्रयासों से पुलिस आमजन की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतर सकती है।

निष्कर्ष
सहारनपुर पुलिस की यह पहल न केवल तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि जब पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होता है, तो हर समस्या का समाधान आसान हो जाता है। नववर्ष के अवसर पर खोए हुए मोबाइल लौटाकर पुलिस ने नागरिकों को न सिर्फ राहत दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि कानून व्यवस्था केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प भी है।
