सहारनपुर: जीएसटी चोरी गैंग के दो शातिर गिरफ्तार, फर्जी बिलिंग का पर्दाफाश।
सहारनपुर में जीएसटी चोरी गैंग पकड़ा: फर्जी बिलिंग के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामला थाना सदर बाजार, सहारनपुर का है,
जहां पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जीएसटी चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक चेकबुक, एक पैन कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
दिनांक 27 अगस्त 2025 को राज्य कर विभाग के अधिकारी परितोष कुमार मिश्रा की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी फर्में बनाकर जाली दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की बोगस जीएसटी बिलिंग कर रहे थे,
मुखबिर की सूचना पर 12 जनवरी 2026 को शालीमार गार्डन क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी आधार-पैन के दुरुपयोग, बोगस बिलिंग और कमीशनखोरी की बात स्वीकार की है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
जीएसटी चोरी के इस बड़े खुलासे से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।,,
क्षेत्राधिकार मनोज कुमार ने प्रेस वार्ता क़र बताया की
मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को शालीमार गार्डन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया— मोहम्मद शादाब पुत्र स्व. भूरे खान निवासी: प्लॉट नं. 149, टॉप फ्लोर, फ्लैट नं. 2, शालीमार गार्डन साहिबाबाद, थाना शालीमार गार्डन, जनपद गाजियाबाद मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद रफील निवासी: ई/56, आर-31, विलेज खेड़ा, नियर स्वामी दयानंद हॉस्पिटल, शाहदरा, दिल्ली वर्तमान पता: फारूखनगर, असालतपुर, लोनी, गाजियाबाद बरामदगी 07 मोबाइल फोन 01 चेकबुक 01 पैन कार्ड 01 लैपटॉप पूछताछ में खुलासे पूछताछ में अभियुक्त मोहम्मद आलम ने बताया कि उसने वर्ष 2018 में TALLY की ट्रेनिंग ली थी और 2022 तक करोल बाग में कपड़े की दुकान पर कार्य किया। वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात मेरठ में आरटीओ कार्यालय के पास रहने वाले मोहसीन सैफी से हुई, जिसने अपनी कई फर्मों की बिलिंग कराने को कहा। शादाब भी टैली का जानकार था, इसलिए दोनों ने मिलकर बोगस फर्मों की बिलिंग एवं जीएसटी R-1 और 3B रिटर्न दाखिल करने का कार्य शुरू किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि: जाली दस्तावेजों के माध्यम से बोगस फर्में रजिस्टर की जाती थीं। वास्तविक व्यक्तियों के आधार/पैन का दुरुपयोग किया जाता था, क्योंकि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के समय ओटीपी लिंक्ड मोबाइल पर जाता है। प्रति एक करोड़ रुपये के बिल पर लगभग एक लाख रुपये कमीशन लिया जाता था।
साथ इन्होंने बताया कि अभी तक इन्होंने जनपद सहारनपुर में किन-किन लोगों को जीएसटी बिल दिए हैं उनके लिए भी टीम गठित की जा रही है और जल्दी उन लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी जो फर्जी जीएसटी के बिल के मामले में जीएसटी चोरी कर राजस्व को नुकसान किया जा रहा था
जीएसटी चोरी नेटवर्क का निष्कर्ष
सहारनपुर में फर्जी बिलिंग गैंग के भंडाफोड़ से जीएसटी व्यवस्था में व्याप्त करचोरी की गंभीर समस्या सामने आई। दो मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बरामद सामान से साफ है कि संगठित गिरोह जाली दस्तावेजों से करोड़ों का राजस्व नुकसान पहुंचा रहे थे।
आगे की दिशा
- पुलिस द्वारा पूरे नेटवर्क की जांच और अन्य लाभार्थियों की गिरफ्तारी जरूरी।
- व्यवसायियों को फर्जी बिलिंग से बचने हेतु सतर्क रहना होगा।
- सख्त कानूनी कार्रवाई से भविष्य में ऐसी धांधली रोकी जा सकेगी।
