सहारनपुर: भारत मुक्ति मोर्चा ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, RSS-BJP पर अधिवेशन बाधित करने का आरोप।
धमाकेदार विरोध: 775 जिलों से एक साथ ज्ञापन, 22 फरवरी को RSS मुख्यालय पर हमला!
सहारनपुर ब्रेकिंग: भारत मुक्ति मोर्चा का केंद्र पर हमला, राष्ट्रपति को सौंपा आग उगलते ज्ञापन!
सहारनपुर में भारत मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नाम जिलाधिकारी को जमकर नारेबाजी के साथ ज्ञापन सौंपा। RSS-BJP पर अधिवेशन बाधित करने का इल्जाम, संविधान बचाने का ऐलान। 15 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी!
ज्ञापन का पूरा विवरण
भारत मुक्ति मोर्चा का 15-16 दिसंबर 2025 को दिल्ली में प्रस्तावित राष्ट्रीय अधिवेशन जाति आधारित जनगणना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों पर केंद्रित था। आरोप है कि RSS-BJP से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक दबाव डालकर अनुमति रद्द कराई और भय का माहौल बनाया। प्रदेश उपाध्यक्ष जसवीर सिंह गौतम ने इसे अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन बताया।
सरकार पर तीखे प्रहार
जसवीर सिंह गौतम ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा कि वे विदेश में बौद्ध गुणगान करते हैं, लेकिन सहारनपुर में बहुजन समाज की जमीन पर कब्जा हो रहा। “आर्टिकल 19 को कुचल रही BJP, संविधान बदलने की साजिश! भारत मुक्ति मोर्चा 775 जिलों में आज ज्ञापन दे चुका।”
आंदोलन का एलान
- 15 जनवरी: विरोध प्रदर्शन
- 22 जनवरी: रैली
- 22 फरवरी: नागपुर RSS हेडक्वार्टर का घेराव
जसवीर सिंह ने कहा, “लोकतंत्र में मौलिक अधिकारों की रक्षा हो, सबको सम्मान, शिक्षा, काम और अधिकार मिले। नारा लगाया – ईवीएम हटाओ, देश बचाओ!” जोगेंद्र कल्याण द्वारा रिपोर्ट किया गया यह प्रदर्शन राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है।
निष्कर्ष
भारत मुक्ति मोर्चा ने 775 जिलों में एक साथ ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। जसवीर सिंह गौतम ने आंदोलन की रूपरेखा दोहराई, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं।
आंदोलन की रूपरेखा
15 जनवरी को विरोध प्रदर्शन, 22 जनवरी को रैली और 22 फरवरी को नागपुर RSS मुख्यालय का घेराव होगा। संगठन ने सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों पर जोर दिया। जोगेंद्र कल्याण ने सभी दलों से शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की।
सामाजिक अपील
सभी धर्मों को सम्मान, शिक्षा और रोजगार का अधिकार दिलाने का संकल्प। ईवीएम हटाओ-देश बचाओ का नारा जोर शोर से गूंजा। सहारनपुर में लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई तेज।
