मुजफ्फरनगर: गैस किल्लत से होटलों में कोयले की चूल्हा चालू।
मुजफ्फरनगर गैस की किल्लत के चलते चूल्हे शुरू
UP NEWS UPDATE :मुजफ्फरनगर में गैस संकट ने होटलों को फिर कोयले की चूल्हों पर लौटा दिया। खाड़ी युद्ध के असर से व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से व्यवसायी परेशान।
संकट की शुरुआत
जिले में नए सरकारी नियमों के तहत होटलों व ढाबों को मिलने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित होने से यह समस्या और गहरी हो गई। छोटे-बड़े होटल संचालक पुराने स्टॉक पर निर्भर हैं, लेकिन जल्द खत्म होने की आशंका है।
होटलों पर असर
शहर के शिव वैष्णव होटल संचालक रवीश अग्रवाल ने बताया कि गैस न आने से कोयले की चूल्हा फिर शुरू करना पड़ा। पहले जैसी अग्नि की व्यवस्था चालू हो गई, जिससे लागत बढ़ गई है। अन्य होटलों में भी यही स्थिति है; ग्राहक भोजन में देरी का सामना कर रहे हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था
गैस की कमी से व्यवसायी कोयला भट्टियों पर लौट आए हैं, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। घरेलू सिलेंडरों पर भी कतारें लग रही हैं, लेकिन प्राथमिकता उपभोक्ताओं को दी जा रही है। प्रशासन कंपनियों से समन्वय कर रहा है ताकि जल्द समाधान निकले।
व्यापारियों की चिंता
होटल संचालकों का कहना है कि यदि सप्लाई बहाल न हुई तो कारोबार ठप हो सकता है। गैस एजेंसी संचालक विपिन कुमार ने पुष्टि की कि मांग अधिक होने से दबाव बढ़ा है। जिले भर में सैकड़ों प्रतिष्ठान प्रभावित हैं।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में गैस संकट ने होटल व्यवसाय को पुराने कोयले के चूल्हों पर लौटा दिया। खाड़ी युद्ध और सरकारी प्रतिबंधों से उपजी यह समस्या व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जल्द समाधान की आवश्यकता है।
