मेरठ के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जहां अभिषेक, शांतिधारा, धार्मिक विधान और भक्ति‑कार्यक्रमों के माध्यम से जैन समाज आध्यात्मिक आनंद से सराबोर रहा।
*जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर 1008 भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक धूमधाम से मनाया गया महामहोत्सव

UP NEWS UPDATE :जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन मेरठ के मानसरोवर गार्डन स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बड़ी धूमधाम से किया गया। मंदिर परिसर पवित्र आस्था और भक्ति के रंगों से सराबोर रहा, जहां हजारों श्रद्धालु भगवान महावीर के दर्शन और विशेष पूजा‑अर्चना में शामिल हुए।
प्रातः काल अभिषेक व शांतिधारा
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल श्री महावीर भगवान के अभिषेक और शांतिधारा से हुआ। पहले अभिषेक का सौभाग्य सी.ए. ऋषभ जैन, अपार अतुल जैन, विजय जैन और प्रदीप जैन को मिला, जिन्होंने धार्मिक विधि‑विधान से श्रीजी की पूजा की। इसके बाद अतुल जैन के मार्गदर्शन में सभी उपस्थित भक्तों ने श्री महावीर विधान से भगवान की विशेष आराधना की और उनकी शांति व समाज की कल्याण की कामना की।
मिष्ठान वितरण व भक्ति वातावरण
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच मिष्ठान वितरण का आयोजन किया गया, जिसका सौजन्य सुरेंद्र जैन और संजय जैन ने लिया। इस दौरान सभी श्रद्धालुओं को भगवान महावीर के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दी गईं और जैन समाज के बीच आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में शांति, अहिंसा और निश्छल जीवन के लिए मनोकामना भी की।
सायंकाल भक्ति व शोभाजनक कार्यक्रम
सायंकाल का वातावरण भक्ति और संगीत से गूंज उठा। मंदिर परिसर में खास तौर पर सामूहिक आरती, चालीसा पाठ और भगवान को पालना झुलाने का कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान भक्ति नृत्य और भजनों की मधुर धुनों से श्रद्धालुों के मन में आत्मिक शांति भर गई। श्रद्धालु भक्ति‑भाव से भगवान की स्तुति करते हुए उनके जीवन से दिखाए गए अहिंसा, सत्य और त्याग के संदेशों को अपनाने की प्रतिज्ञा भी कर रहे थे।
धार्मिक प्रश्न‑मंच व ठंडाई वितरण
सायंकालीन श्रृंखला के दौरान सी.ए. ऋषभ जैन ने धार्मिक प्रश्न‑मंच का आयोजन किया, जिसमें उपस्थित युवा और वृद्ध जैन भक्तों ने जैन धर्म के सिद्धांतों, आचार‑संहिता और भगवान महावीर के जीवन‑संदेशों पर आधारित प्रश्न पूछे। इस मंच में अवनीश जैन ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया, जिससे युवा पीढ़ी में धार्मिक ज्ञान को बढ़ावा मिला। इसके बाद अभय जैन के सौजन्य से स्वादिष्ट ठंडाई का वितरण किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और भी आकर्षक एवं सामाजिक लगा।
भव्य उपस्थिति और समाज का संदेश
मंदिर के मीडिया प्रभारी श्री संजीव जैन गॉडविन ने बताया कि इस जन्मोत्सव में सुरेंद्र जैन, अनिल, संजय, अवनीश, अतुल, ऋषभ, सौरभ, नितिन, विजय, अंजय, अनिल, अभय, यश, तथा श्रीमती बाला, ममता, रेनू, सारिका, शालिनी, अनिता, सुमन, साधना, मंजू, कामनी, रेखा सहित कई महिला‑पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि अहिंसा, सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव के जैन संदेशों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम रहा।
इस तरह मेरठ के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव को एक सुन्दर सामाजिक‑धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया गया, जहां आस्था, संगीत, ज्ञान और भोजन सभी का संतुलन रहा और श्रद्धालु भगवान महावीर के संदेशों को दिल‑दिमाग से ग्रहण करते हुए घर लौटे।
निष्कर्ष
मेरठ के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव ने न केवल धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति का अनूठा संगम दिखाया, बल्कि जैन समाज की एकता और आध्यात्मिकता को भी नई ऊर्जा दी। अभिषेक, शांतिधारा, विधान, आरती, धार्मिक प्रश्न‑मंच और सामूहिक भजन‑नृत्य के माध्यम से युवा और बुजुर्ग दोनों पीढ़ियों को भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य और संयम के संदेश से जोड़ा गया। इस तरह यह महोत्सव धर्म की उपासना के साथ‑साथ सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक जागृति का भी प्रतीक बनकर उभरा।
