मेरठ आग हादसा: जुड़वां बेटियां समेत 6 परिवारजन जिंदा जले।
परिवार के 6 लोग एक साथ जिंदा जलेः इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे थे, कपड़ा कारोबारी पिता नमाज पढ़ने गया था
UP NEWS UPDATE :मेरठ, 24 फरवरी 2026 (संवाददाता उज्जवल रस्तौगी): लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर गली नंबर 3 में सोमवार रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। रेडीमेड कपड़ों के कारोबारी इकबाल के तीन मंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें परिवार के छह सदस्य जिंदा जल गए। इनमें उनकी जुड़वां बेटियां समेत पांच मासूम बच्चे शामिल हैं। इकबाल उस वक्त नमाज पढ़ने गया हुआ था और लौटा तो घर की भयानक स्थिति देख हतप्रभ रह गया।
आग की शुरुआत: शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर लीक से भयंकर तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान के नीचे बने गोदाम में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर लीक होने से आग भड़क उठी। गोदाम में रखे रेडीमेड कपड़ों का भंडार जल्द ही लपटों की चपेट में आ गया। आग ने पलक झपकते पूरे मकान को घेर लिया। घने धुएं ने सीढ़ियां ब्लॉक कर दीं, जिससे ऊपरी मंजिल पर फंसे परिवारजन बाहर नहीं निकल सके। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव का कोई रास्ता न बचा।
गंभीर रूप से झुलसे: पत्नी और रिश्तेदार अस्पताल में
इकबाल की पत्नी आमिर बानो गंभीर रूप से झुलस गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पड़ोसी रिश्तेदार शहजाद भी आग में झुलस गए। इकबाल और अन्य परिजनों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। सामने वाले मकान में रहने वाले इदरीश ने हिम्मत दिखाई और अपने मकान की छत से सीढ़ी लगाकर कुछ लोगों को बचाया। उसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, जिसने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
प्रशासन ने की घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू
रात में ही जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर लीक को आग का मुख्य कारण बताया जा रहा है। जिला प्रशासन मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया तेज कर रहा है।
यह हादसा मेरठ शहर के लिए एक बड़ा सदमा है। आग से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने घरों में गैस सिलेंडरों की नियमित जांच और विद्युत तारों की मरम्मत पर जोर दिया है।
निष्कर्ष
मेरठ के किदवई नगर में हुई इस भयावह आग ने एक परिवार को छह सदस्यों से महरूम कर दिया, जिसमें जुड़वां बेटियां समेत पांच मासूम बच्चे शामिल हैं। शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर लीक जैसी लापरवाहियों ने यह दर्दनाक हादसा रचा। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बाकी परिवारजन बचाए गए, लेकिन यह घटना घरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खतरों की याद दिलाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं: गैस सिलेंडरों की नियमित जांच कराएं, विद्युत तारों की मरम्मत समय पर करें और अग्निशमन यंत्र रखें। जिला प्रशासन मृतकों के परिजनों को सहायता देगा, जबकि जांच जारी रहेगी।
