खतौली तहसील: वकीलों का भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्लाबोल, अनिश्चितकालीन हड़ताल!
खतौली तहसील में वकीलों का हल्लाबोल: भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल!
UP NEWS UPDATE :खतौली तहसील से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां तहसील प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च निकालते हुए तहसील परिसर में हल्ला-बोल किया और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन कुमार उपाध्याय और महासचिव प्रदीप कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील और राजस्व न्यायालयों में बिना अवैध धनराशि दिए कोई भी कार्य नहीं किया जाता। आम जनता और वादकारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।बार एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप कुमार एडवोकेट ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को अभिलेखों में जानबूझकर दर्ज नहीं किया जाता। इससे वादकारियों के मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है और कई मामलों में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अविवादित पत्रावलियां महीनों तक लंबित रखी जाती हैं, जबकि विवादित मामलों में अंतिम बहस के बाद भी आदेश पारित नहीं किए जाते।
इस दौरान एडवोकेट सचिन आर्य ने एक गंभीर मामला उठाते हुए बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कृषि भूमि अथवा आम के बाग़ की धारा 80 के मामलों में अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील में सक्रिय दलालों की मिलीभगत से आम के बाग़ की भूमि पर गलत तरीके से धारा 80 लगाई जा रही है, जिससे किसानों और भूमि स्वामियों को नुकसान हो रहा है।अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नियमों के विरुद्ध कर्मचारियों की तैनाती, दलालों की सक्रिय भूमिका और प्रशासनिक मिलीभगत का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि तहसील परिसर दलालों का अड्डा बन चुका है और बिना उनकी मध्यस्थता के आम आदमी का कोई काम नहीं हो पा रहा।बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील का सामान्य कामकाज पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल तहसील प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
खतौली तहसील विवाद का निष्कर्ष
अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में मजबूत संकेत है। तहसील प्रशासन को तत्काल जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम जनता का काम सुचारु रूप से चले। यदि मांगें जल्द पूरी न हुईं, तो आंदोलन तेज हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा।
