-डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विकास कार्यों की समीक्षा के बाद विपक्ष पर साधा निशाना, सपा पर लगाए तीखे आरोप
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्नाव दौरे के दौरान जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार चुनाव में हार के बाद विपक्ष का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, इसी कारण वे ऊल-जुलूल बयानबाजी कर रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि “जब से बिहार में हार का सामना करना पड़ा है, तब से समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं। अखिलेश यादव जी को यह भली-भांति पता है कि मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक हूं और भारतीय जनता पार्टी के लिए 2017 में अध्यक्ष के रूप में समाजवादी पार्टी की सत्ता को उखाड़ फेंकने का काम किया था। इसी वजह से उन्हें डर बना रहता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कभी नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में ओबीसी समाज का कोई मजबूत नेता उभर कर सामने आए। डिप्टी सीएम ने कहा कि भाजपा किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि अगड़ा, पिछड़ा और दलित समाज की त्रिवेणी है। लेकिन जब भी ओबीसी समाज का कोई नेता आगे बढ़ता है, तो समाजवादी पार्टी को उससे घृणा और नफरत होने लगती है, जिसके चलते वे अनर्गल बयान देते हैं।
पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाया कि 2012 से 2017 तक जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब उनका पीडीए फार्मूला कहां था। उन्होंने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी कुंभकर्णी नींद में सोई हुई थी और अब जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। लोकसभा चुनाव में कुछ सीटें जीतने को उन्होंने दुष्प्रचार का नतीजा बताया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जनता से झूठ बोला कि यदि भाजपा को बड़ी जीत मिली तो संविधान और आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा और उसकी सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की पुजारी है और आरक्षण की प्रबल समर्थक है। उन्होंने कहा कि ओबीसी को 27 प्रतिशत, एससी को 21 प्रतिशत, एसटी को 2 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का काम भाजपा सरकार ने किया है और आगे भी करती रहेगी।
बिहार चुनाव को लेकर भी डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में सपा का कोई उम्मीदवार तक नहीं था, फिर भी अखिलेश यादव “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना” की तरह भाजपा को हराने वहां प्रचार करने गए। उन्होंने कहा कि अवध और मगध की बातें करने वाले अखिलेश यादव बिहार में चारों खाने चित्त हो गए, जिसके बाद उनकी बोलती बंद हो गई।
केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि 2047 तक समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा में भगदड़ मची हुई है और कई विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं, जबकि भाजपा एकजुट और मजबूत है। डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है, लेकिन जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
निष्कर्ष
उन्नाव में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने विकास समीक्षा के बाद सपा-अखिलेश पर तीखे प्रहार किए। बिहार हार से बौखलाए विपक्ष को आईना दिखाते हुए पीडीए फॉर्मूले व आरक्षण पर सवाल उठाए। भाजपा को एकजुट त्रिवेणी व 2047 तक विपक्ष की सत्ता असंभव बताकर विकास यात्रा पर बल दिया।
