कासगंज: महिलाओं का अवैध शराब विरोधी हाईवे जाम
कासगंज में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का हंगामा बरेली- मथुरा हाईवे किया जाम
UP NEWS UPDATE :जनपद कासगंज में अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है। आबकारी विभाग की मिली भगत से परचून की दुकान पर भी शराब बिक रही है। अवैध शराब की बिक्री से परेशान ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने गांव में खुलेआम बिक रही शराब के विरोध में बरेली-मथुरा हाईवे को जाम कर दिया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दरअसल ये पूरा मामला जनपद कासगंज की तहसील सदर क्षेत्र के गांव नगला थान का है जहां गांव में अवैध शराब की बिक्री से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। दर्जनों महिलाओं ने बरेली-मथुरा हाईवे पर पहुंचकर मार्ग को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं का आरोप है कि गांव में कई परचून की दुकानों पर खुलेआम अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि सुबह होते ही कई पुरुष शराब पी लेते हैं और उसके बाद घर पहुंचकर अपनी पत्नियों के साथ मारपीट करते हैं। महिलाओं का कहना है कि अवैध शराब की वजह से कई परिवारों में रोज झगड़े हो रहे हैं और बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार स्थानीय प्रशासन और पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद गांव में अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं हो रही है।
इसी के विरोध में मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर हाईवे जाम करना पड़ा। हाईवे जाम होने से बरेली-मथुरा मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी- लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत के बाद पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद महिलाओं ने जाम समाप्त कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि गांव में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद हाईवे पर यातायात फिर से सुचारु हो सका।
प्रदर्शन का निष्कर्ष
कासगंज के नगला थान गांव में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं के शक्तिशाली प्रदर्शन ने प्रशासन को हरकत में ला दिया। हाईवे जाम के बाद पुलिस व आबकारी विभाग के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ तथा जांच व सख्त कार्रवाई का वचन मिला। ग्रामीण महिलाओं की एकजुटता ने परिवारों व समाज पर शराब के विपरीत प्रभाव को उजागर किया, जिससे स्थायी समाधान की उम्मीद जगी। यह घटना आबकारी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल देती है।
