कासगंज: परिवार के 5 सदस्यों की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच जारी
एक साथ उठी मां-बाप और 03 नाबालिक बच्चों सहित 05 लोगों की की अर्थी
UP NEWS UPDATE :यूपी के जनपद कासगंज में कल बीती शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। वहीं आज अमांपुर थाना क्षेत्र के नगला भोजराज गांव में एक साथ मृतक तीनों नाबालिक बच्चों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया और पति-पत्नी की भी एक साथ चिताएं जाली। जिससे पूरे गांव में मातम सा छाया हुआ है। और गांव में किसी के भी घर में चूल्हे नहीं जले बता दें कि अमांपुर कस्बे के एटा रोड पर स्थित एक किराये की दुकान में एक ही परिवार के पति-पत्नी और तीन बच्चों सहित 05 लोगों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही डीएम प्रणय सिंह, एसपी अंकिता शर्मा पुलिस फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम के साथ और मौके पर पहुंच गए। और घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी।
बीओ- आपको बता दें कि मृतकों की पहचान कासगंज जनपद के थाना अमांपुर क्षेत्र के नगला भोजराज निवासी 50 वर्षीय सत्यवीर सिंह, उनकी 48 वर्षीय पत्नी शीला, 12 वर्षीय बेटी आकांक्षा, 10 वर्षीय बेटी प्राची और 08 वर्षीय बेटे ग्रीश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सत्यवीर सिंह अमांपुर कस्बे में एटा रोड पर पेट्रोल पंप के पास किराये की दुकान में परिवार सहित रहते थे। वह फौजी बेल्डिंग मिस्त्री के नाम से जाने जाते थे और वेल्डिंग की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार वह सरल और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब आसपास के लोगों ने सत्यवीर का मकान तीन दिन से बंद देखा और और जब मकान में लगी जाली से कपड़ा हटाकर देखा तो अंदर का दृश्य देख लोग सन्न रह गए। सत्यवीर का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका हुए था जबकि पत्नी शीला और उनके तीनों नाबालिक बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े हुए थे। जिसकी सूचना तुरंत अमांपुर थाना पुलिस को दी गई। वहीं आशंका जताई जा रही है कि पहले बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया गया हो और पत्नी शीला को किसी धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई हो। उसके बाद सत्यवीर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। पड़ोसियों और परिचितों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि हंसता-खेलता परिवार इस तरह खत्म हो गया। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद डीआईजी अलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं फिलहाल सभी पांचों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव नगला भोजराज लाया गया। जहां गांव में मृतक सत्यवीर के खेत में जेसीबी से तीनों बच्चों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया। और सत्यवीर और उसकी पत्नी शीला का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
निष्कर्ष
कासगंज परिवार हत्याकांड में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।
जांच की वर्तमान स्थिति
पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है, जिसमें सत्यवीर सिंह ने परिवार की हत्या के बाद खुद फांसी लगाई। दरवाजे अंदर से बंद थे, बाहरी हस्तक्षेप के कोई सबूत नहीं मिले। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
संभावित कारण
आर्थिक तंगी या पारिवारिक तनाव की आशंका जताई जा रही है। डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने सभी पहलुओं से जांच की पुष्टि की। मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
