कानपुर: कुशाग्र हत्याकांड में तीनों दोषी, 22 को सजा!
शहर के चर्चित छात्र कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया
कानपुर छात्र हत्याकांड: कोर्ट ने रचिता, प्रभात और शिवा को ठहराया दोषी, 22 को सजा!
कानपुर के चर्चित कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड में अपर जिला जज-11 सुभाष सिंह की अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। 30 अक्टूबर 2023 को 16 वर्षीय मेधावी छात्र कुशाग्र का ट्यूशन जाते समय अपहरण कर हत्या की गई थी। सजा पर फैसला 22 जनवरी को सुनाया जाएगा।
घटना का पूरा विवरण
जैपुरिया स्कूल के हाईस्कूल छात्र कुशाग्र कनोड़िया कारोबारी मनीष कनोड़िया के बेटे थे। उनकी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रेमी प्रभात शुक्ला और सहयोगी शिवा शुक्ला ने फिरौती के लालच में अपहरण किया। विवाद के दौरान हत्या कर शव प्रभात के घर से बरामद हुआ। सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट और 10 गवाहों के बयान मुख्य सबूत बने।
परिजनों की प्रतिक्रिया
कुशाग्र के परिजन सूरत शिफ्ट हो चुके हैं, फिर भी लखनऊ-कानपुर आकर पैरवी करते रहे। चाचा सुमित कनोड़िया ने कहा, “दोषियों को फांसी मिलनी चाहिए ताकि समाज को संदेश जाए।” परिवार घटना की याद में भावुक हो गया। वे न्याय के पूरे भरोसे में हैं।
कोर्ट की कार्यवाही
दो साल से अधिक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत पेश किए। फिरौती का पत्र, घटनास्थल के वीडियो और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने दोष सिद्ध किया। कोर्ट ने 20 जनवरी को दोषी ठहराया, अब सजा सुनवाई बाकी है।
निष्कर्ष
समाचार का सार
कानपुर के कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड में कोर्ट ने रचिता, प्रभात और शिवा को हत्या का दोषी ठहराया है। परिजनों ने फांसी की सजा की मांग की है, जबकि अंतिम सजा 22 जनवरी को सुनाई जाएगी। यह फैसला न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रिपोर्ट: रामजी शर्मा, कानपुर
तारीख: 20 जनवरी 2026
