कानपुर मॉक ड्रिल: एयर स्ट्राइक से बचाव
बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा पर विशेष जोर आपदा के समय घबराएं नहीं, नियमों का पालन करें
कानपुर में संभावित हवाई हमले और एयर स्ट्राइक जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आज एक व्यापक सुरक्षा अलर्ट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह संयुक्त अभियान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कानपुर नगर और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में लाटूश रोड स्थित अग्नि शमन केंद्र में आयोजित हुआ। इस दौरान जवानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बताया गया कि यदि एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो किस तरह अपनी और दूसरों की जान बचाई जा सकती है,,,,इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यही है,,,,कि किसी भी आपात स्थिति में हमारे जवान और आम नागरिक घबराएं नहीं। सही जानकारी और अभ्यास से जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है,,,,एयर स्ट्राइक या हवाई हमले की स्थिति में सबसे जरूरी है,,,,सतर्कता और अनुशासन। अफवाहों से बचें और केवल सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। कुल मिलाकर, कानपुर में आयोजित यह मॉक ड्रिल न सिर्फ जवानों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक जरूरी जागरूकता अभियान साबित हुआ। आपदा कभी बताकर नहीं आती, लेकिन सही तैयारी से उससे निपटा जरूर जा सकता है।
वीओ:—कानपुर के लाटूश रोड अग्नि शमन केंद्र में आयोजित इस मॉक ड्रिल में अग्निशमन विभाग के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का नेतृत्व एफएसओ कैलाश चंद्रा द्वारा किया गया, जबकि आपदा प्रबंधन के मुख्य प्रशिक्षक लखन कुमार शुक्ला और आपदा विशेषज्ञ लांबा ने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया इस मॉक ड्रिल के दौरान जवानों को सिखाया गया कि यदि हवाई हमले की चेतावनी देने वाला सायरन बजे, तो बिना घबराए तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर कैसे जाना है,,,,जैसे ही सरकारी सायरन या अलर्ट बजे सबसे पहले बंकर, तहखाने या घर के सबसे मजबूत कमरे में जाएं। यदि बंकर उपलब्ध न हो तो बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा सबसे सुरक्षित माना जाता है,,,,खिड़कियों और शीशों से तुरंत दूरी बनाएं। दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, ताकि विस्फोट से उड़ने वाला मलबा नुकसान न पहुंचा सके। संभव हो तो कांच पर टेप लगाकर टूटने की स्थिति में खतरे को कम किया जाए। हमले के दौरान जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। अपने सिर को दोनों हाथों से ढकें और किसी मजबूत दीवार या भारी वस्तु की आड़ लें। बिना सरकारी पुष्टि के बाहर निकलने की गलती बिल्कुल न करें। आपदा प्रबंधन टीम ने बताया कि हर परिवार के पास एक आपातकालीन किट होनी चाहिए। जिसमें पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक उपचार सामग्री, जरूरी दवाइयां, टॉर्च, रेडियो, मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और जरूरी दस्तावेज शामिल हों। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। बच्चों को मानसिक रूप से शांत रखना और बुजुर्गों व दिव्यांगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया गया।
प्रशिक्षण का निष्कर्ष
कानपुर में आयोजित यह मॉक ड्रिल हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में सतर्कता और अनुशासन का महत्व रेखांकित करती है। जिला आपदा प्रबंधन और रेड क्रॉस की संयुक्त पहल से जवानों व आम नागरिक सुरक्षित रहने को तैयार हो गए। सही तैयारी और आपात किट से जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकती है।
