कन्नौज: मनरेगा महिला मेटों का उत्पीड़न मामला
उत्पीड़न के खिलाफ मनरेगा महिला मेटो ने कन्नौज सांसद के नाम दिया ज्ञापन
UP NEWS UPDATE :: मनरेगा महिला मेटों का उत्पीड़न, सांसद को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में तैनात महिला मेटों का उत्पीड़न अब राजनीतिक रंग ले रहा है। ग्रामीण विकास समिति के तत्वावधान में कन्नौज की महिला मेटों ने अपनी समस्याओं को लेकर सांसद को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया
महिला मेटों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आरिफ जमा, पूर्व विधायक कल्याण सिंह दोहरे, आकाश शाक्य, टिंकू पाल, संजीव गुलशद और अहमद को सौंपा। यह कदम प्रदेश स्तर पर उत्पीड़न के खिलाफ एकजुटता दिखाता है।
पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायतें खुलकर बयां कर रही हैं, जिसमें कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न और अधिकारों का हनन प्रमुख है। ग्रामीण विकास समिति ने इसे राज्यव्यापी मुद्दा बनाकर कार्रवाई की मांग की है।
उत्पीड़न की पृष्ठभूमि
मनरेगा योजना में महिला मेटों को ग्रामीण रोजगार की रीढ़ माना जाता है, लेकिन उत्पीड़न के मामले उनकी मेहनत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ज्ञापन में कार्यस्थल सुरक्षा, समय पर भुगतान और सम्मानजनक व्यवहार की मांग की गई है।
समिति का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज होगा। कन्नौज सांसद से उम्मीद है कि यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा।
निष्कर्ष
कन्नौज में मनरेगा महिला मेटों का उत्पीड़न प्रदेश स्तर पर गंभीर मुद्दा बन गया है।
ज्ञापन सौंपने से पीड़ित महिलाओं को न्याय की उम्मीद जगी है, और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है ताकि ग्रामीण रोजगार योजना प्रभावी बनी रहे। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
