कन्नौज: दलित किसान की जमीन पर कब्जे से टंकी पर चढ़कर फंदा लगाया
कन्नौज: दलित किसान का पानी की टंकी पर हाई वोल्टेज ड्रामा, जमीन कब्जे से परेशान
कन्नौज: अपनी जमीन पर कब्जेदारों से तंग आकर दलित किसान पानी की टंकी पर चढ़ा, फंदा लगाकर जान देने की धमकी दी
कन्नौज जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र के सिलुआपुर गांव में एक दलित किसान ने अपनी जमीन पर कब्जेदारों की ज्यादतियों से तंग आकर पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया। हर जगह शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से आहत किसान ने कपड़े से फंदा बनाकर अपनी जान देने की बात कही।
घटना का विवरण
किसान कठेरिया ने गांव की पानी की टंकी पर चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा रचा। वह लगातार जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा।[query] थाना अध्यक्ष और तहसीलदार पहुंचे, लेकिन किसान ने डीएम-एसपी की मौजूदगी के बिना बात न करने की जिद ठानी।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे।[query] एसडीएम और थाना पुलिस के बार-बार आश्वासन के बाद भी किसान नहीं माना।[query] चार घंटे के ड्रामे के बाद ही आश्वासनों पर भरोसा जाकर वह टंकी से नीचे उतरा।[query]
प्रधान पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप
ग्राम प्रधान समेत उनके परिजनों पर जमीन पर अवैध कब्जा करने और किसान को धमकाने के आरोप हैं। प्रधान ने कथित तौर पर कहा, “साले चमार कठेरिया को मार-मारकर गांव से भगा देंगे।”[query] यह घटना दलित उत्पीड़न और भूमि विवाद को उजागर करती है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने किसान को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। जमीन विवाद की जांच शुरू हो गई है, जिसमें प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग की है।
घटना का निष्कर्ष
कन्नौज के सिलुआपुर गांव में दलित किसान कठेरिया का पानी की टंकी पर चढ़ना भूमि विवाद और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। चार घंटे के तनाव के बाद एसडीएम व पुलिस के आश्वासन पर किसान सुरक्षित उतरा। ग्राम प्रधान पर जातिसूचक टिप्पणी व कब्जे के आरोपों की जांच तेज हो गई है, जिससे न्याय की उम्मीद बंधी है।
