कन्नौज: 26 दिन से आशा बहनों का धरना, मानदेय व सम्मान की मांग
देश की नारी सड़को पर तो देश का आलम क्या होगा,अवकी बार आर या पार,
कन्नौज जनपद में 26 बीतने के बाद भी लगातार आशा महिला कर्मचारी कर रही धरना प्रदर्शन,आशा वर्कर की जो महिलाएं हैं वह लगातार अपनी मांगों के लिए धरना प्रदर्शन कर रही हैं और नारों के साथ कह रही हैं देश की महिलाएं सड़कों पर तो देश का आलम क्या होगा जो अधिकारी ने न्याई है वही हमारा भाई है जो आशा हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा इन सब नारों के साथ लगातार पूरे जनपद में जगह-जगह महिला अस्पतालों के बाहर आशा कार्यकर्ती महिलाएं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है ताजा मामला कन्नौज जनपद के छिबरामऊ महिला अस्पताल परिसर का है यहां महिलाओं ने महिला अस्पताल बिग में ताला डाल दिया और कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक यह ताला पड़ा रहेगा और आशा महिला कार्यकर्ता कोई काम नहीं करेगी उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा न ही मानदेय बढ़ाया जा रहा है और न ही राज्य सरकार कर्मचारियों का दर्जा दिया जा रहा है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा लगातार आश्वासन दिया जाता उसके सब ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है इसीलिए आशा महिलाओ को सड़कों पर आना पड़ रहा है उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशा महिला कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने एवं राज्य सरकार कर्मचारी नियुक्त किए जाने की मांग की और उन्होंने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती है तब तक लगातार धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक महिला आशा कर्मचारी कोई भी कार्य नहीं करेगी इस मौके पर आशा महिला कर्मचारी की यूनियन अध्यक्ष बिना चौहान ने बताया सरकार लगातार महिला आशा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। लगातार भीषण सर्दी होने के बावजूद भी जो आशा महिलाएं हैं वह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है ऐसे में कन्नौज जनपद के निवासी समाजवादी पार्टी के नेता दीपू चौहान छिबरामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महिला अस्पताल के पास पहुंचे और महिला आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत की और आश्वाशन दिया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार महिला आशा कार्यकर्ताओं की बातों को उठा रहे हैं सरकार से भी अपील है कि भीषण सर्दी में जो महिलाएं धरना प्रदर्शन कर रही हैं उनकी मांगों को माना जाए और उनकी मदद की जाए।
निष्कर्ष
कन्नौज में आशा कार्यकर्ताओं का 26 दिवसीय धरना उत्तर प्रदेश सरकार के लिए चुनौती बन गया है। मानदेय वृद्धि व स्थायीकरण की मांगें पूरी न होने पर महिलाएं सर्दी झेलते हुए डटी हैं। सपा समर्थन से आंदोलन को नई गति मिली है।
