ईरान विद्रोह: सरकारी भवन जलाए, 12वें दिन इंटरनेट ब्लैकआउट!
12 दिन का खूनी खेल: ईरान में रेजा पहलवी का ‘अंतिम युद्ध’, इंटरनेट ब्लैकआउट!

ईरान में उफान पर विरोध: 12वें दिन सरकारी इमारतें धू-धू जल रही, इंटरनेट कटा!
ईरान में धार्मिक तानाशाही के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विद्रोह 12वें दिन प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को सरकारी इमारतों में आग लगा दी, जबकि सरकार ने इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं काट दीं।
हिंसा और हताहत
अमेरिकी मानवाधिकार संगठन के अनुसार, हिंसा में कम से कम 42 लोग मारे गए और 2,270 गिरफ्तार हुए। ईरानी मीडिया ने 21 मौतें मानीं, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल। तेहरान, इस्फहान, मशहद और अन्य शहरों में झड़पें तेज।
आगजनी के प्रमुख हमले
- इस्फहान: राज्य टेलीविजन भवन में आग।
- तेहरान: कासिम सुलैमानी का बिलबोर्ड और खामेनेई की तस्वीरें जलाईं।
- अहवाज: खामेनेई व खुमैनी की तस्वीरें भस्म।
- खोर्रमाबाद: गवर्नर कार्यालय ध्वस्त, पूर्व शाह का झंडा लहराया।
सरकार का दमन
रात 8 बजे निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के आह्वान पर नारे लगे: “डेथ टू द डिक्टेटर!” इंटरनेट ब्लैकआउट (NetBlocks द्वारा पुष्टि) के बाद कड़ी कार्रवाई की आशंका। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी।
आर्थिक पृष्ठभूमि
40% महंगाई, रियाल का अवमूल्यन, ईंधन-खाद्य मूल्यवृद्धि ने आक्रोश भड़काया। दिसंबर से शुरू व्यापारियों के विरोध अब सत्ता-पलट की मांग में बदल गए।

ईरान के 12 दिवसीय विद्रोह का अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला; हिंसा तेज है। कम से कम 42 मौतें (5 नाबालिग सहित), 2270 गिरफ्तारियां हुईं, सरकारी दमन जारी।
स्थिति अपडेट
इंटरनेट और फोन ब्लैकआउट के बावजूद प्रदर्शनकारी रेजा पहलवी के आह्वान पर सड़कों पर उतरे। कुरदी क्षेत्रों में PJAK के साथ झड़पें, काजवीन में सुरक्षाकर्मी की हत्या। तेहरान, इस्फहान में बसीज मुख्यालय जलाए गए।
भविष्य की संभावना
ट्रम्प ने चेतावनी दी, रेजा पहलवी ने ‘अंतिम युद्ध’ का आह्वान किया। आर्थिक संकट ने आक्रोश भड़काया, सरकार विदेशी साजिश का रोना रो रही। स्थिति अस्थिर बनी हुई।
