इंदौर: टैंकर पानी, सस्पेंशन, मुफ्त इलाज! 💧🚨
स्थानीय प्रशासन ने इंदौर भगीरथपुरा जल संकट पर तत्काल टैंकर से नर्मदा पानी सप्लाई शुरू की, प्रभावितों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की। तीन अधिकारियों को सस्पेंड, एक बर्खास्त किया गया।

‘विष बांटा गया’: इंदौर जल संकट पर राहुल का तीखा प्रहार, ‘कुंभकर्ण नींद’ में एमपी सरकार! 😡💧
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से 10 मौतों पर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने इसे ‘मिसगवर्नेंस का एपिसेंटर’ बताते हुए प्रशासन को ‘कुंभकर्ण नींद’ में सोने का दोषी ठहराया।
घटना का विवरण
इंदौर के भगीरथपुरा में पुलिस चेकपोस्ट के पास बने शौचालय से सीवेज पानी ड्रिंकिंग लाइन में घुस गया। 10 लोग (6 महीने का बच्चा सहित) डायरिया से मारे गए, 1,400+ प्रभावित। लोग कई दिनों से गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
राहुल का हमला
राहुल ने एक्स पर लिखा, “इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया। प्रशासन कुंभकर्ण की तरह सोता रहा। घर-घर शोक, गरीब बेबस, ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान।” उन्होंने सवाल उठाए: सीवेज कैसे घुसा? सप्लाई क्यों नहीं रोकी? जिम्मेदारों पर एक्शन कब? “स्वच्छ पानी कोई एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है।”
एमपी सरकार का बचाव
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गलती मानी, दोषी बचेंगे नहीं। इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतें कन्फर्म कीं। एडिशनल सीएस संजय दुबे: लीक पॉइंट्स ठीक, टैंकर चल रहे, SOP जारी होगा। पानी उबालकर पीने की सलाह।
राजनीतिक तूफान
राहुल ने एमपी को ‘मिसगवर्नेंस एपिसेंटर’ कहा, कफ सिरप मौतें, अस्पतालों में चूहों का जिक्र। “गरीब मरें तो मोदी जी चुप रहते हैं।” कांग्रेस नेता ने मुआवजा को अपर्याप्त बताया। भाजपा पर ‘डबल इंजन’ विफलता का आरोप।

स्थानीय प्रशासन ने इंदौर भगीरथपुरा जल संकट पर तत्काल टैंकर से नर्मदा पानी सप्लाई शुरू की, प्रभावितों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की। तीन अधिकारियों को सस्पेंड, एक बर्खास्त किया गया।
तात्कालिक कदम
- पानी सप्लाई: 50 टैंकर नर्मदा जल वितरण, प्रभावित पाइपलाइन्स फ्लशिंग, हर घर में क्लोरीन टैबलेट।
- मेडिकल रिलीफ: मुफ्त इलाज (महाराजा यशवंतराव अस्पताल, श्री अुरबिंदो में वार्ड्स), 4 एम्बुलेंस, मेडिकल टीम तैनात।
- कार्रवाई: जोनल ऑफिसर व असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड, इन-चार्ज डिप्टी इंजीनियर बर्खास्त; 3 सदस्यीय जांच कमेटी।
- कोर्ट ऑर्डर: एमपी हाईकोर्ट ने साफ पानी व मुफ्त इलाज का आदेश, स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
- अन्य: पानी उबालने की सलाह, लीक पॉइंट्स ठीक, एएसएचए वर्कर्स तैनात।
मंत्री विजयवर्गीय ने मौके पर डेरा डाला, स्थिति सामान्य होने तक रहेंगे। सीएम मोहन यादव ने ₹2 लाख मुआवजा घोषित।
प्रशासन के तत्काल टैंकर सप्लाई, सस्पेंशन और मुफ्त इलाज से स्थिति नियंत्रण में आ रही, लेकिन 10 मौतें ‘सबसे स्वच्छ शहर’ की छवि पर दाग हैं। जांच जारी, भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
