फर्रुखाबाद: शीतला अष्टमी पर बढ़पुर मंदिर में भक्तों का जनसैलाब
चैत्र माह की अष्टमी को शीतला माता के मंदिर में भक्तों का उमड़ा जन सैलाब
UP NEWS UPDATE :फर्रुखाबाद में चैत्र अष्टमी पर शीतला माता मंदिर में भक्तों का अपार जनसैलाब
चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी पर फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। बढ़पुर स्थित इस प्राचीन मंदिर में सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लग गईं, जहां श्रद्धालु माता को भोग-प्रसाद चढ़ाने पहुंचे।
धार्मिक महत्व
शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च 2026 को मनाया गया, जो चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर आधारित है। मान्यता है कि इस दिन माता शीतला को बासी भोजन (बसौड़ा) का भोग चढ़ाने से चर्म रोगों, चेचक जैसी गर्मीजन्य बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
सर्दी से ग्रीष्म ऋतु के संक्रमण काल में यह पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है, क्योंकि माता शीतला रोगनाशक देवी हैं।
मंदिर में रौनक
बढ़पुर के शीतला माता मंदिर में कई जनपदों से भक्त पैदल व वाहनों से आए। मंदिर परिसर में घंटों लाइनें लगी रहीं, श्रद्धालुओं ने ठंडे भोजन, फूल, रोली व धूप से पूजन-अर्चन किया।
प्राचीन मंदिर की भव्यता और माता की कृपा की चर्चा हर ओर रही, पूरा क्षेत्र भक्ति भजनों से गुंजायमान हो गया।
पूजा विधि और परंपरा
सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित कर पूजा शुरू की जाती है। चौकी पर माता की मूर्ति स्थापित कर रोली, चंदन, फूल चढ़ाए जाते हैं तथा बासी भोजन का भोग लगाया जाता है।
व्रत कथा पाठ व आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ, जिससे भक्तों को मानसिक शांति मिली। जिला प्रशासन ने यातायात व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद के बढ़पुर शीतला माता मंदिर में चैत्र अष्टमी पर उमड़े भक्तों ने धार्मिक आस्था की जीवंत छवि प्रस्तुत की। प्राचीन मंदिर में बसौड़ा भोग और पूजन से चर्म रोगों से मुक्ति की आशा ने सभी को एकजुट किया।
यह पर्व सर्द-ग्रीष्म संक्रमण में स्वास्थ्य रक्षा का सांस्कृतिक संदेश देता है। जिला प्रशासन के इंतजामों ने लाखों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराए। भक्ति की यह लहर क्षेत्रीय एकता को मजबूत करती है।
