गौरक्षा राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय गौबंश एवं पर्यावरण संरक्षण समिति दिल्ली पहुँचे फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद ब्रेकिंग:
पीठाधीश्वर रामेश्वरदास जी महाराज का महत्वपूर्ण बयान, गौमाता संरक्षण को लेकर संत समाज सजगफर्रुखाबाद में गौरक्षा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारतीय गौबंश एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के प्रतिनिधि के रूप में पीठाधीश्वर रामेश्वरदास जी महाराज दिल्ली से लौटे हैं। उन्होंने पूज्य शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद जी महाराज को धन्यवाद देते हुए गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम का पूर्ण समर्थन किया है।
गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा की मांग
पीठाधीश्वर रामेश्वरदास जी महाराज ने कहा कि चारों शंकराचार्यों के उद्घोष पर समस्त संत समाज आंदोलन में शामिल होगा। यह आंदोलन गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए दिल्ली में आयोजित होगा। उन्होंने हालिया विवादों के बीच इस एकजुटता को ऐतिहासिक बताया, जो 19 वर्षों बाद चारों पीठों के शंकराचार्यों को एक मंच पर लाएगा।
बटुक घटना पर प्रशासन से माफी की मांग
माघ मेला श्री रामनगरिया में बटुकों एवं संतों के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का जिक्र करते हुए महाराज ने प्रशासन से शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद जी से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि राम राज्य में नकारात्मक सोच वाले तत्व ऐसी परिस्थितियां न पैदा करें, वरना पुनरावृत्ति रोकी जाएगी। संत समाज इस मुद्दे पर सतर्क है और दोबारा ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद में पीठाधीश्वर रामेश्वरदास जी महाराज का बयान गौमाता संरक्षण और संत समाज की एकजुटता का प्रतीक है। चारों शंकराचार्यों के नेतृत्व में प्रस्तावित आंदोलन गौहत्या रोकने और राष्ट्रमाता दर्जा दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। रामनगरिया मेला विवाद के बाद प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए ताकि राम राज्य की गरिमा बनी रहे। संपूर्ण संत समाज इस संकल्प में डटा है, जो पर्यावरण और आस्था दोनों की रक्षा करेगा।
