ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर खतरा, शुकरुल्लाहपुर ओवरब्रिज पर हादसा टला।
ए आर टी ओ व पुलिस की मिली भगत से अमानक विहीन टैक्टर ट्राली सड़को पर रहे दौड़

फर्रुखाबाद में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का खतरा: पुलिस-आरटीओ की मिलीभगत से सड़कों पर मौत का सौदा!
फर्रुखाबाद जिले में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही हैं। थाना नवाबगंज क्षेत्र के शुकरुल्लाहपुर ओवरब्रिज पर हाल ही में एक भारी ओवरलोड ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर रेलिंग पर चढ़ गया, लेकिन चमत्कारिक रूप से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरटीओ और पुलिस की सांठगांठ से ये अवैध वाहन बिना किसी रोकटोक के फर्राटा भर रहे हैं।
आरटीओ में कोई कमर्शियल पंजीकरण नहीं
आरटीओ कार्यालय में किसी भी ट्रैक्टर-ट्रॉली का कमर्शियल उपयोग के लिए पंजीकरण नहीं है। ये वाहन केवल कृषि कार्यों के लिए पास हैं, फिर भी ट्रैक्टर माफिया इन्हें बड़े-बड़े डालों से लैस कर ट्रकों की तरह टनों माल लादकर सड़कों पर चला रहे हैं। थाना नवाबगंज और कमालगंज क्षेत्रों में ये ट्रॉलियां मॉल, ईंट, बालू और खाद की ढुलाई कर रही हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
ओवरलोडिंग से बढ़ते हादसे
- हाल ही में शुकरुल्लाहपुर ओवरब्रिज पर ओवरलोड ट्रैक्टर रेलिंग तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गया, राहगीर बाल-बाल बचे।
- थाना कमालगंज के रजीपुर पेट्रोल पंप के पास खाद से लदी ओवरलोड ट्रॉली पलट गई, सड़क जाम हो गई।
- एक अन्य घटना में ओवरलोड ट्रैक्टर दुकान में घुस गया, ग्राहक भागकर जान बचाई; स्कूटी क्षतिग्रस्त हुई।
ट्रैक्टर माफिया का काला कारोबार
ट्रैक्टर माफिया ट्रकों की जगह सस्ते में ट्रॉलियां लगाकर ओवरलोड माल ढो रहे हैं। चौकी-थानों के ठीक सामने ये वाहन फर्राटा भरते नजर आते हैं, क्योंकि कथित रूप से पुलिस और आरटीओ की मिलीभगत है। रेलवे ठेकेदार भी ट्रकों के बजाय ट्रैक्टरों से माल ढुलाई कर रहे हैं, जो मोटर व्हीकल एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
प्रशासन की निष्क्रियता से आम जनता की जान जोखिम में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं, लेकिन फर्रुखाबाद में कार्रवाई नाममात्र की हो रही है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, वरना बड़े हादसे निश्चित हैं।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद की सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का चलन आम जनता की जान के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। पुलिस और आरटीओ की कथित मिलीभगत से ये अवैध वाहन बिना किसी अड़चन के फर्राटा भर रहे हैं, जिससे शुकरुल्लाहपुर ओवरब्रिज जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि बड़े हादसे रोके जा सकें और यातायात सुरक्षित हो।
