उन्नाव: कांग्रेस का मजदूर हक पर उपवास, भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप
मजदूरों के अधिकारों पर कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास
खबर उन्नाव से है जहां कांग्रेस पार्टी ने रविवार को मजदूरों के अधिकारों और मनरेगा से जुड़ी मांगों को लेकर एक दिवसीय उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने और घोषणापत्र के वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता तन्मय श्रीवास्तव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार मजदूरों के साथ लगातार छल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश के उन मजदूरों को निशाना बना रही है, जो वास्तव में देश की बुनियाद हैं।
बता दे कि श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा द्वारा अपने घोषणापत्र में घोषित 125 दिन के काम का वादा केवल एक “ड्रामा” और “ढकोसला” है। उन्होंने इसे न केवल मजदूरों बल्कि पूरे देश के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार दिया जाता था। उस समय काम हो या न हो, मजदूरों को उनकी मजदूरी मिलती थी, जिससे उनके घर का खर्च चलता था। तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि आज मजदूर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि उसे न्याय मिलेगा भी या नहीं। उन्होंने पूछा कि भाजपा सरकार गांव-गांव जाकर सर्वे तो कर रही है, लेकिन मजदूर अपनी पीड़ा और समस्याएं कहां रखें। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार का ध्यान मजदूरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए एक दिवसीय उपवास का रास्ता चुना है। कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो मजदूरों के हक और सम्मान के लिए कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रखर आंदोलन करेगी।
निष्कर्ष
उन्नाव में कांग्रेस पार्टी का यह एक दिवसीय उपवास मजदूरों के अधिकारों और मनरेगा योजनाओं को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। तन्मय श्रीवास्तव और विदूषी बाजपेयी जैसे नेताओं के नेतृत्व ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी और मजदूर विरोधी नीतियों का सशक्त आरोप लगाकर जनमानस में जागरूकता फैलाई। यह आंदोलन न केवल स्थानीय स्तर पर मजदूरों की पीड़ा को
REPORTER-नीरज द्विवेदी
