बिजनौर: फर्जी डॉक्टर ओपीडी में फरार, मरीजों की जान पर बन आई!
हिल जाएगा दिल: ओपीडी में नकली डॉक्टर, स्टाफ हंगामा मचा भागा फर्जी!
बिजनौर मेडिकल अस्पताल में फर्जी डॉक्टर का हंगामा: मरीजों की जान से खेलने वाला फरार!
बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डॉ. तुषार की ओपीडी में संदिग्ध व्यक्ति के इलाज करते ही स्टाफ ने हंगामा मचा दिया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओपीडी में फर्जी डॉक्टर का खेल
अस्पताल स्टाफ को ओपीडी में असामान्य गतिविधियां दिखीं, जब वे जांच करने पहुंचे तो एक अज्ञात व्यक्ति मरीजों को दवाइयां बांटते और इलाज करते पाया गया। स्टाफ ने तुरंत डॉ. तुषार की ओपीडी की तलाशी ली, जहां फर्जी डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहा था। हंगामा होते ही वह भाग निकला, जिससे पूरे अस्पताल में सनचय हुआ।
स्टाफ की पूछताछ से खुलासा
डॉ. राजीव रस्तोगी और अन्य स्टाफ ने फर्जी चिकित्सक को घेर लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान उसने खुद को डॉक्टर बताने से साफ इनकार कर दिया और मौका पाकर पीछे के रास्ते से फरार हो गया। स्टाफ का कहना है कि वह बिना किसी वैध दस्तावेज के हफ्तों से ओपीडी में बैठा मरीजों को गलत इलाज दे रहा था।
सुरक्षा पर सवालों का दौर
यह घटना मेडिकल अस्पताल की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रही है। सवाल उठ रहे हैं कि बिना पहचान पत्र या सत्यापन के कोई व्यक्ति कैसे ओपीडी में घुस गया? स्टाफ की कमी और सीसीटीवी निगरानी की अनदेखी ने मरीजों की जान को खतरे में डाल दिया। स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है।
प्रशासन हरकत में
जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ को जांच के निर्देश जारी किए हैं। फरार फर्जी डॉक्टर की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं, साथ ही अस्पताल में सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने के आदेश दिए गए। ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए कठोर कार्रवाई का वादा किया गया है।
निष्कर्ष
घटना का सारांश
बिजनौर मेडिकल अस्पताल में डॉ. तुषार की ओपीडी में फर्जी डॉक्टर मरीजों का इलाज करता पकड़ा गया। स्टाफ ने हंगामा मचाया तो वह फरार हो गया, जिससे अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल उठे।
प्रमुख खुलासे
डॉ. राजीव रस्तोगी और स्टाफ की पूछताछ में फर्जी ने डॉक्टर होने से इनकार किया। बिना सत्यापन के हफ्तों तक गलत इलाज देने का मामला सामने आया।
प्रभाव व कार्रवाई
प्रशासन ने संज्ञान लिया, पुलिस ने फरार फर्जी की तलाश शुरू की। अस्पताल में सख्त सुरक्षा उपाय लागू होंगे। मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कठोर कदम जरूरी।
