बीपीएल ड्रामा समाप्त: नजमुल की माफी से मैदान पर वापसी!
नजमुल की माफी से बीपीएल फिर पटरी पर

बांग्लादेश क्रिकेट संकट: नजमुल इस्लाम के माफी पत्र के बाद बीपीएल फिर शुरू
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के निदेशक नजमुल इस्लाम की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी के बाद बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) 2025-26 में खिलाड़ी मैदान पर लौटने को तैयार हैं। एक दिन के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (सीडब्ल्यूएबी) ने सहमति जताई है।
संकट की शुरुआत कैसे हुई?
संकट तब भड़का जब नजमुल इस्लाम ने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘भारतीय एजेंट’ करार दिया। उन्होंने तमीम के भारत-बांग्लादेश क्रिकेट बोर्डों के बीच संवाद की सलाह पर आपत्ति जताई, जो टी20 वर्ल्ड कप स्थल विवाद से जुड़ा था। कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से रिलीज करने के बीसीसीआई निर्देश के बाद यह विवाद तेज हुआ।
नजमुल ने यह भी कहा कि टीम के प्रमुख ट्रॉफी न जीतने पर खिलाड़ियों को टी20 वर्ल्ड कप मिस करने पर मुआवजा नहीं मिलेगा। इससे नाराज खिलाड़ियों ने सभी क्रिकेट गतिविधियों का बहिष्कार घोषित कर दिया।
खिलाड़ियों का बहिष्कार और मैच रद्द
खिलाड़ियों के विरोध से शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में नोआखाली एक्सप्रेस और चट्टोग्राम रॉयल्स के बीच बीपीएल मैच स्थगित हो गया। सीडब्ल्यूएबी अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने कहा कि नजमुल को वित्त समिति अध्यक्ष पद से हटाने और सार्वजनिक माफी न मिलने पर मैदान पर नहीं लौटेंगे। बीसीबी पर दबाव इतना बढ़ा कि उन्होंने नजमुल को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया।
बीसीबी का त्वरित एक्शन
बीसीबी ने नजमुल को वित्त समिति के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर अमिनुल इस्लाम को नया अध्यक्ष नियुक्त किया, जबकि बोर्ड अध्यक्ष अंतरिम रूप से जिम्मेदारी संभालेंगे। बोर्ड ने बयान जारी कर कहा, ‘खिलाड़ियों का हित हमारी प्राथमिकता है।’ नजमुल ने सार्वजनिक माफी मांगी, जिसे सीडब्ल्यूएबी ने स्वीकार कर लिया।
बीपीएल की वापसी और भविष्य
त्रिपक्षीय बैठक के बाद खिलाड़ी शुक्रवार से खेलने को राजी हो गए। मिथुन ने कहा, ‘नजमुल की माफी और निदेशक पद पर प्रक्रिया चलने से हम मैदान लौट रहे हैं।’ यह घटना बांग्लादेश क्रिकेट की आंतरिक कलह को उजागर करती है, लेकिन अब लीग सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
बांग्लादेश क्रिकेट संकट का सकारात्मक समापन
नजमुल इस्लाम की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी के बाद खिलाड़ियों ने बीपीएल बहाल करने पर सहमति जताई।
भविष्य की उम्मीदें
यह घटना बीसीबी और खिलाड़ियों के बीच संवाद को मजबूत बनाएगी। लीग अब बिना रुकावट चलकर क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांच प्रदान करेगी।
