एएमयू प्रोफेसर का दर्द: 27 साल से धार्मिक भेदभाव, डीन पर प्रताड़ना के आरोप
एएमयू में हिंदू प्रोफेसर का आरोप, 27 साल से उत्पीड़न, डीन पर साम्प्रदायिक टिप्पणी और भेदभाव के गंभीर आरोप
एएमयू में सांप्रदायिक भेदभाव का शिकार 27 साल से हिंदू प्रोफेसर! डीन पर गंभीर आरोप.
विवाद की शुरुआत
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रचना कौशल ने कुलपति को शिकायती पत्र सौंपकर 1998 से चली आ रही मानसिक व पेशेवर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी पर धार्मिक आधार पर भेदभाव, साम्प्रदायिक टिप्पणियां करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। पत्र के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, जिनमें कथित टिप्पणियां जैसे “तुम हिंदू टीचर हो, बीएचयू क्यों नहीं चली जाती” दर्ज हैं.
व्यक्तिगत उत्पीड़न के आरोप
प्रोफेसर कौशल ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन पर अत्यधिक काम का दबाव डाला गया, जिसके फलस्वरूप जुड़वां बच्चों का मिसकैरेज हो गया। 2017 में उनका प्रमोशन जानबूझकर रोका गया, जिसके लिए उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा और अदालत के आदेश पर प्रमोशन मिला। इसके बावजूद बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों से उन्हें बाहर रखा गया तथा वरिष्ठता के बावजूद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं सौंपी गईं.
मांग और प्रतिक्रिया
प्रोफेसर रचना कौशल ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी डीन को पद से हटाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एएमयू उनकी कर्मभूमि है, लेकिन लगातार धार्मिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त माहौल ने सब कुछ सहन करने को मजबूर कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू करने की बात कही है, जबकि मामला सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है.
निष्कर्ष
प्रोफेसर रचना कौशल का एएमयू के डीन पर 27 वर्षों से चली आ रही सांप्रदायिक प्रताड़ना का आरोप विश्वविद्यालय के परिसर में व्याप्त कथित धार्मिक पूर्वाग्रहों को उजागर करता है। यह मामला न केवल व्यक्तिगत अन्याय तक सीमित है, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशिता और निष्पक्षता की आवश्यकता पर सवाल खड़े करता है। निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगेगा।
