अखिलेश का केदारेश्वर मंदिर वीडियो: आकार ले रहा भव्य स्वरूप!
अखिलेश का नया वीडियो: केदारेश्वर मंदिर ने लिया आकार

इटावा ब्रेकिंग: सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शेयर किया केदारेश्वर मंदिर का नया वीडियो—सोशल मीडिया पर मचा हंगामा!
इटावा, 11 जनवरी 2026: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का सबसे नया वीडियो जारी किया। वीडियो के साथ दिए गए संदेश ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। अखिलेश ने लिखा, “जब कोई अदृश्य करवाता है, तभी ऐसा बड़ा काम आकार पाता है, दृश्यमान हो जाता है।” यह पोस्ट समर्थकों में उत्साह और विपक्ष में हलचल पैदा कर रही है।
वीडियो का खास संदेश और अर्थ
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए रहस्यमयी अंदाज में लिखा कि बड़े कार्य अदृश्य शक्तियों के कारण ही आकार लेते हैं। वीडियो में मंदिर के अंदरूनी हिस्से, शिवलिंग और निर्माण प्रगति दिखाई गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश धार्मिक विकास और राजनीतिक संकेत दोनों को दर्शाता है। मंदिर का निर्माण 12 एकड़ भूमि पर हो रहा है, जो दक्षिण भारतीय शैली पर आधारित है ।
केदारेश्वर मंदिर का निर्माण इतिहास
केदारेश्वर महादेव मंदिर इटावा के ग्वालियर रोड पर बन रहा है। अखिलेश यादव द्वारा 2021 में भूमि पूजन किया गया था। कन्याकुमारी से लाए गए ग्रेनाइट पत्थरों से तराशा जा रहा यह मंदिर 74 फुट ऊंचा गर्भगृह वाला है। चार मुख्य द्वार दक्षिण भारतीय गोपुरम शैली के होंगे। पिछले साल फरवरी में प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है, और फरवरी 2026 में भव्य उद्घाटन प्रस्तावित है। सावन जैसे त्योहारों में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है ।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
वीडियो जारी होते ही सपा समर्थकों ने इसे धार्मिक आस्था का प्रतीक बताते सराहा। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया। केदारनाथ पुरोहितों का पुराना विवाद फिर सुर्खियों में आ गया, हालांकि अखिलेश ने इसे उत्तर भारत में शिव भक्ति का नया केंद्र बताया। इटावा के धार्मिक विकास पर राजनीति फिर गरमाई हुई है। मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी स्वयं अखिलेश हैं ।
केदारेश्वर मंदिर वीडियो का निष्कर्ष
अखिलेश यादव द्वारा जारी केदारेश्वर मंदिर का नया वीडियो इटावाह के धार्मिक विकास को नई ऊंचाई दे रहा है। “अदृश्य करवाने” वाले संदेश ने सोशल मीडिया पर सियासी-धार्मिक बहस छेड़ दी। मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर उत्तर भारत का प्रमुख शिव केंद्र बनेगा, जो समर्थकों में उत्साह और विपक्ष में हलचल पैदा कर रहा है।
