जीएसटी सेस खत्म: 1 फरवरी से तंबाकू पर नया एक्साइज धमाका!
जीएसटी मुआवजा सेस का अंत: तंबाकू-तंबाकू उत्पादों पर 1 फरवरी से अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी, पान मसाला पर हेल्थ सेस!

जीएसटी मुआवजा सेस का अंत: तंबाकू-तंबाकू उत्पादों पर 1 फरवरी से अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी, पान मसाला पर हेल्थ सेस!
सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर जीएसटी मुआवजा सेस 1 फरवरी 2026 से समाप्त घोषित किया। तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला पर नया कर ढांचा लागू, जिसमें 40% जीएसटी के अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और सेस।
नया कर ढांचा विस्तार
- सिगरेट: लंबाई व फिल्टर के आधार पर प्रति हजार स्टिक्स ₹2,050 से ₹8,500 अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी (जीएसटी के ऊपर)।
- पान मसाला, गुटखा: 40% जीएसटी + हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस (उत्पादन क्षमता पर आधारित)।
- बीड़ी: 18% जीएसटी + अतिरिक्त एक्साइज।
- चबाने वाली तंबाकू: चेविंग टोबैको रूल्स 2026 के तहत मशीन क्षमता पर ड्यूटी।
सेस स्वास्थ्य व रक्षा खर्च के लिए।
पृष्ठभूमि व समयरेखा
जीएसटी सेस राज्यों के 14% राजस्व गारंटी के लिए शुरू। कोविड काल में कर्ज चुकाने को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा। 56वीं जीएसटी काउंसिल (सितंबर 2025) ने चरणबद्ध अंत का फैसला। दिसंबर 2025 में संसद ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) एक्ट व हेल्थ सिक्योरिटी सेस बिल पास।
बाजार प्रभाव
अधिसूचना के बाद ITC 6-8% गिरा, गॉडफ्रे फिलिप्स ₹400 नीचे। सिगरेट महंगी, 10 करोड़ धूम्रपान करने वालों पर असर। उत्पादन क्षमता घोषित कर ड्यूटी, बिक्री पर नहीं।
भविष्य प्रभाव
सेस समाप्ति से राजस्व सुरक्षित, स्वास्थ्य लक्ष्य मजबूत। निर्माताओं को अनुपालन योजना बनानी होगी। जीएसटी 2.0 के बाद सिन गुड्स पर स्थिर उच्च कर सुनिश्चित I

टैक्स दरों में बदलाव का विश्लेषण
1 फरवरी 2026 से जीएसटी मुआवजा सेस समाप्त होने पर कुल टैक्स दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, क्योंकि नया एक्साइज ड्यूटी और सेस पुराने सेस को प्रतिस्थापित करेगा। उद्देश्य: कर कम न हो, स्वास्थ्य लक्ष्य सुरक्षित रहे।
सिगरेट का उदाहरण
- अभी (31 जनवरी तक): 28% जीएसटी + मुआवजा सेस (लंबाई के आधार पर कुल 50-100% तक प्रभावी)।
- 1 फरवरी से: 28% जीएसटी (अटल) + अतिरिक्त सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (प्रति 1000 स्टिक्स ₹2,050 से ₹8,500, फिल्टर/नॉन-फिल्टर पर निर्भर)।
- कुल प्रभाव: दाम वही रहेंगे या मामूली बढ़ोतरी; उद्योग अनुमान से 5-10% महंगा।
पान मसाला व गुटखा
- अभी: 28% जीएसटी + मुआवजा सेस (कुल ~60%)।
- नया: 40% जीएसटी + हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस (स्वघोषित उत्पादन क्षमता पर आधारित, ~20-30% अतिरिक्त)।
- कुल: लगभग वही उच्च दर (~60-70%), बिक्री न घटे।
अन्य तंबाकू उत्पाद
- चबाने वाली तंबाकू: जीएसटी + नई एक्साइज (मशीन क्षमता पर); कुल स्थिर।
- बीड़ी: 18% जीएसटी + अतिरिक्त ड्यूटी।
सेस समाप्ति से राजस्व सुरक्षित, लेकिन कर संरचना बदलकर केंद्र पर अधिक नियंत्रण। उद्योग को नई अनुपालन प्रक्रिया अपनानी होगी।

| उत्पाद प्रकार | वर्तमान (31 जनवरी तक) | नया (1 फरवरी से) | कुल प्रभाव |
|---|---|---|---|
| फिल्टर सिगरेट (>70mm) | 28% GST + सेस (~₹4,170/1000) scanx | 28% GST + एक्साइज ₹5,170-8,500/1000 scanx | मामूली बढ़ोतरी |
| नॉन-फिल्टर (<70mm) | 28% GST + सेस (~₹2,070/1000) | 28% GST + एक्साइज ₹2,050-₹4,170/1000 | स्थिर/5% ऊपर hindustantimes |
निष्कर्ष
1 फरवरी से जीएसटी मुआवजा सेस समाप्ति तंबाकू उद्योग के लिए नया अध्याय खोलेगी, लेकिन कुल टैक्स बोझ वही रहेगा। नया एक्साइज व सेस स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। सिगरेट-पान महंगे होने से उपभोक्ता प्रभावित, राजस्व सुरक्षित।
