भाजपा को झटका: कोठारी ने दिया इस्तीफा!
नववर्ष पर भाजपा को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता भगत राम कोठारी ने दिया इस्तीफा

उत्तराखंड में नववर्ष के पहले ही दिन भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का मुख्य कारण अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय न मिलना बताया जा रहा है। कोठारी ने भावुक पत्र में पार्टी नेतृत्व पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया।
कोठारी का राजनीतिक सफर
- भगत राम कोठारी लंबे समय से उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे, राज्य आंदोलनकारी के रूप में सक्रिय और पूर्व मंत्री के पद पर रहे।
- वे जनहित मुद्दों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा पर मुखर रहे, ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में मजबूत पकड़।
- 2019 में पूर्व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से सार्वजनिक विवाद भी हो चुका।
इस्तीफे का कारण: अंकिता मामला
- अंकिता भंडारी (19 वर्षीय पूर्व मंत्री पुत्र पुलकित आर्य के होटल कर्मचारी) की 18 सितंबर 2022 को हत्या का केस, जहां आरोपी अभी भी फरार।
- कोठारी ने लगातार न्याय की मांग की, लेकिन पार्टी ने राजनीतिक सुविधा को प्राथमिकता दी।
- भावुक बयान: “अंकिता हमारी बेटी है, यह महिलाओं की असुरक्षा का प्रतीक है।”
कोठारी का इस्तीफा पत्र
- पत्र में कहा: “सरकार जनता के मूल मुद्दों से कट गई, राज्य आंदोलनकारी के नाते जनहित प्राथमिकता। आगे भी लड़ेंगे।”
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र सौंपा, भारी मन से फैसला।
राजनीतिक प्रभाव
- पुष्कर सिंह धामी सरकार के लिए चुनौती, अंकिता केस से असंतोष बढ़ा।
- आने वाले समय में राज्य राजनीति पर असर, अन्य असंतुष्ट नेता सक्रिय हो सकते।
- विपक्ष ने इसे भाजपा की कमजोरी बताया।

निष्कर्ष
नववर्ष पर भगत राम कोठारी का भाजपा से इस्तीफा अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग का प्रतीक है। यह धामी सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती पैदा करता है। उत्तराखंड में असंतोष बढ़ सकता है।
