“दिल्ली कोहरे की चपेट में: AQI 388 पर घना प्रदूषण, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर गईI

दिल्ली में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। साथ ही, वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बावजूद AQI 388 पर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
मौसम की स्थिति
- मंगलवार सुबह राजधानी और एनसीआर में घने कोहरे ने सड़कें, रेल और हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया; विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर गई।
- IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 30 दिसंबर तक रात-सुबह घना कोहरा और न्यूनतम तापमान 5-7°C रहने का अनुमान है।
- कड़ाके की ठंड के साथ हवा की गति कम होने से प्रदूषण फंस गया, हालांकि हल्की हवाओं से AQI में थोड़ी राहत मिली।
AQI का विश्लेषण
- दिल्ली का समग्र AQI 388 (बहुत खराब), आनंद विहार पर 400+ और मुंडका पर 350+ दर्ज; PM2.5 मुख्य प्रदूषक है।
- प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (CAQM) ने GRAP-3 के तहत निर्माण कार्य रोके और ट्रक प्रवेश सीमित किया।
- विशेषज्ञों के अनुसार, कोहरा प्रदूषण को नीचे धकेल रहा, जिससे सांस संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
यातायात व प्रभाव
- इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20+ उड़ानें विलंबित, कई रद्द; ट्रेनें औसतन 2-4 घंटे लेट।
- सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका से पुलिस ने सतर्कता बरतने की सलाह दी; मास्क पहनने और बाहर कम निकलने को कहा।
- IMD ने चेतावनी दी कि 30 दिसंबर तक यही स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए यात्रा से पहले अपडेट चेक करें।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा में मौजूद प्रदूषण की मात्रा को मापने का एक मानक उपकरण है, जो 0 से 500 तक के स्केल पर स्वास्थ्य प्रभाव बताता है। यह PM2.5, PM10, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर गणना किया जाता है।
AQI के स्तर
- 0-50 (अच्छा): हवा साफ, कोई खतरा नहीं।
- 51-100 (मध्यम): संवेदनशील लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
- 101-200 (खराब): अस्वस्थ, सभी को प्रभावित कर सकता है।
- 201-300 (बहुत खराब): स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा।
- 301-400 (गंभीर): बच्चों, बुजुर्गों को बाहर न निकलें।
- 400+ (गंभीर+): सभी के लिए खतरा, मास्क जरूरी।
मापन और महत्व
भारत में पर्यावरण मंत्रालय इसे मापता है; उच्च AQI सांस, हृदय रोग बढ़ाता है। दिल्ली जैसे शहरों में GRAP सक्रिय होता है जब AQI 300+ पहुंचता है।
दिल्ली में घने कोहरे और AQI 388 की ‘बहुत खराब’ हवा ने शहर को स्वास्थ्य व यातायात दोनों मोर्चों पर बुरी तरह जकड़ लिया है। IMD के येलो अलर्ट के बावजूद 30 दिसंबर तक यह स्थिति बनी रहने से GRAP-3 नियम सख्ती से लागू हैं, जो प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती को रेखांकित करते हैं। नागरिकों को मास्क पहनने, बाहर कम निकलने और यात्रा अपडेट चेक करने की सलाह दी जाती है।
