गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल का विवादित कार्यक्रम: तलवारें बांटने का वीडियो वायरल, पिंकी चौधरी समेत 16 पर FIR, 10 गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल (एचआरडी) के कार्यकर्ताओं ने खुलेआम तलवारें और फरसे बांटे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पुलिस ने शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 में संगठन के दफ्तर के बाहर हुए इस कार्यक्रम पर तुरंत कार्रवाई की और 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना की पूरी जानकारी
- सोमवार को शालीमार गार्डन इलाके में एचआरडी ने हिंदुओं को “खुद की रक्षा” के नाम पर तलवारें बांटने का दावा किया, जिसमें करीब 250 हथियार वितरित होने की बात कही गई।
- वीडियो में कार्यकर्ता सड़कों पर हथियार लहराते और नारे लगाते दिखे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
- संगठन के प्रमुख पिंकी चौधरी (भूपेंद्र चौधरी) ने वीडियो में कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की तरह यहां भी खुद को बचाने के लिए तलवारें रखें।”
पुलिस कार्रवाई
- शालीमार गार्डन थाने में पिंकी चौधरी समेत 16 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2) (दंगा), 191(3) (घातक हथियार से दंगा), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना) और अपराधी कानून संशोधन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
- 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि पिंकी चौधरी फरार बताए जा रहे हैं; पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
- ट्रांस-हिंदन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने कहा कि वीडियो वायरल होने पर संज्ञान लिया गया और अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
संगठन और पिंकी चौधरी का इतिहास
- हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गुंडा एक्ट, हमला और भड़काऊ बयान शामिल हैं।
- संगठन पहले भी विवादों में रहा—जैसे 2014 में आप दफ्तर पर हमला, 2020 में जेएनयू हिंसा का दावा और मुस्लिम बस्तियों पर हमले।
- हाल ही में बागपत में भी शस्त्र प्रदर्शन के लिए उन पर मुकदमा दर्ज हो चुका है।
इलाके में प्रतिक्रिया
- स्थानीय लोगों ने हथियार बांटने से डर का माहौल बनने की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए भारी सुरक्षा तैनात की।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से राजनीतिक बहस छिड़ गई, जहां कुछ ने इसे “आत्मरक्षा” बताया तो अन्य ने हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण
- एचआरडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी (भूपेंद्र चौधरी) ने स्वयं हथियार बांटे और समर्थकों से धार्मिक नारे लगवाए, जिसमें दूसरे समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।
- संगठन के प्रवक्ता अमित प्रजापति ने कहा, “हिंदुओं को घर में शस्त्र रखने, चलाना सीखने और ‘पागल कुत्तों, जाहिलों व जिहादियों’ से बचाव के लिए तैयार रहने” की अपील की; बांग्लादेश जैसी स्थिति का हवाला दिया।
- रविवार को दिल्ली के नंद नगरी कार्यालय पर भी इसी तरह का कार्यक्रम हुआ, जहाँ तलवारें बांटी गईं—यह सिलसिला गाजियाबाद तक फैला।
कानूनी कार्रवाई की गहराई
- शालीमार गार्डन थाने में पिंकी चौधरी समेत 16 नामजद (जिनमें अमित प्रजापति शामिल) व अज्ञात पर बीएनएस धारा 191(2) (दंगा), 191(3) (घातक हथियार से दंगा), 127(2) (गलत बंधक बनाना) व अन्य के तहत FIR दर्ज।
- 10 आरोपी गिरफ्तार, पिंकी चौधरी फरार; पुलिस ने दफ्तर सील कर छापेमारी शुरू की और NSA लगाने पर विचार कर रही है।
- ट्रांस-हिंदन DCP निमिष पाटिल ने पुष्टि की कि अनुमति के बिना सड़क पर हथियार लहराना अवैध है, अतिरिक्त धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं।
पिंकी चौधरी व संगठन का विवादित इतिहास
- पिंकी चौधरी पर गुंडा एक्ट, हमला, भड़काऊ बयान व हनुमान चालीसा विवादों में कई मुकदमे; हाल ही बागपत में शस्त्र जुलूस व योगी पर टिप्पणी के केस।
- एचआरडी पर 2014 AAP दफ्तर हमला, 2020 JNU हिंसा दावा, मुस्लिम बस्तियों पर हमले व बांग्लादेशी मुसलमानों पर अटैक के आरोप।
- संगठन सरकार से “हथियार चलाने की ट्रेनिंग” की मांग कर रहा है, जो पुलिस के लिए नई चुनौती।
सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव
- इलाके में दहशत फैली, स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि हथियारों से तनाव बढ़ा; सोशल मीडिया पर #HinduRakshaDal ट्रेंड कर बहस छिड़ी।
- विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश हिंसा के संदर्भ में ऐसे कार्यक्रम कानून-व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं, पुलिस सतर्कता बरत रही।

निष्कर्ष
गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल का यह विवादित कार्यक्रम न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन गया, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। पिंकी चौधरी समेत 16 पर दर्ज FIR और 10 गिरफ्तारियों से पुलिस ने सख्त संदेश दिया है कि हथियार बांटना या भड़काऊ नारे लगाना बर्दाश्त नहीं होगा। आने वाले दिनों में संगठन पर NSA जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने का संकेत देती है।
