"एके-47 को खिलौना बताया, आतंकी को क्लीनचिट: बिजनौर पुलिस पर कार्रवाई"
आतंकी आकिब को दी थी क्लीनचिट, एके-47 को बताया था खिलौना, दरोगा निलंबित-सीओ हटाए गए
UP NEWS UPDATE :बिजनौर के नांगलसोती थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल पिछले तीन सालों से साउथ अफ्रीका में रहकर सैलून चलाता है। पिछले साल नवंबर में मैजुल की एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मैजुल इंस्टाग्राम पर वीडियो कॉल के जरिये चार लोगों से जुड़ा हुआ था। इस कॉल में आकिब खान ने एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो दरोगा विनोद कुमार ने 23 नवंबर 2025 को मैजुल निवासी सौफतपुर थाना नांगल बिजनौर, आकिब खान निवासी गांव सठला मवाना मेरठ और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
विवेचना करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक ने पहले मैजुल से संपर्क किया। इसके बाद वीडियो कॉल पर आकिब खान से बात की। वीडियो कॉल में आकिब ने एके-47 को खिलौना दिखाया, हैंड ग्रेनेड को परफ्यूम की बोतल बताया था। वीडियो कॉल में आकिब ने खुद को निर्दोष बताया। पुलिस ने उसकी बातों पर यकीन कर लिया। इसके बाद मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर आकिब व मैजुल को क्लीनचिट दे डाली।
अब एटीएस ने मेरठ के साकिब समेत चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया तो मामला उलटा निकला। साकिब ने एटीएस को बताया कि वह दुबई में रहने वाले आकिब से जुड़ा है। एटीएस के खुलासे के बाद बिजनौर पुलिस में हड़कंप मच गया। मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी अभिषेक झा ने सत्येंद्र मलिक और नितेश प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस तरह से जुड़े बिजनौर के तार
बिजनौर। उत्तर प्रदेश की एटीएस ने मेरठ के साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, गौतमबुद्धनगर के विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को गिरफ्तार किया था। ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की साजिश रचकर उसको अंजाम देने पहुंचे थे। साकिब का कनेक्शन मेरठ के ही रहने वाले आकिब से निकला। आकिब दुबई में रहता है। इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिए आकिब बिजनौर के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल के संपर्क में था। मैजुल की वीडियो वायरल होने के बाद आकिब का नाम सामने आया था। आकिब ने ही साकिब का इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कराया था।
निष्कर्ष
यह मामला पुलिस की लापरवाही और आतंकी नेटवर्क के खतरे को उजागर करता है। आकिब जैसे संदिग्धों को समय रहते पकड़ना जरूरी है ताकि बड़ी साजिश रुके। बिजनौर पुलिस अब सतर्क हो, सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाए।
