कन्नौज: सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली देख डीएम ने आईसीयू को स्टोर रूम बनाने पर सीएमएस को लगाई फटकार
कन्नौज-सौ शैय्या अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था पर भड़के डीएम
UP NEWS UPDATE :कन्नौज: डीएम ने सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली देख सीएमएस को फटकार लगाई
कन्नौज, 4 अप्रैल 2026: कन्नौज जनपद के छिबरामऊ क्षेत्र में स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बढ़ती शिकायतों के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था और लापरवाही देख डीएम भारी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को जोरदार फटकार लगाई। उन्होंने अपर प्रभारी अधिकारी (SDM) छिबरामऊ को अस्पताल की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
सौ शैय्या अस्पताल में पिछले कुछ समय से आए दिन शिकायतें आ रही थीं। ऑपरेशन थिएटर बंद रहना, आईसीयू की खराब व्यवस्था और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी जैसी बातों को लेकर मरीजों और परिजनों की शिकायतें बढ़ रही थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अचानक अस्पताल पहुंचकर वार्ड, इमरजेंसी, आईसीयू और डॉक्टरबंध का बारीकी से जायजा लिया।
आईसीयू रूम में मिला स्टोर रूम, इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का जांचा हाल
निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक चिंताजनक मामला आईसीयू वार्ड का आया। जिस जगह मरीजों की गंभीर हालत में देखभाल होनी चाहिए, वहां पर सीएमएस ने कमरे को स्टोर रूम बनाकर उपकरण और अन्य सामान भर रखा था। जब इस कमरे की चाभी लेकर डीएम ने दरवाजा खोलवाया तो अंदर का नजारा उन्हें भड़का दिया। आईसीयू की पूरी जगह बिना किसी क्रम के मेडिकल सामान भरा पड़ा था, जिसे देख डीएम ने सीएमएस को तीखी फटकार दी।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के हाल‑चाल की भी जांच की गई। डीएम ने रोगियों और उनके परिजनों से सीधे बात की और उपलब्ध दवाओं, भोजन और साफ‑सफाई की व्यवस्था के बारे में पूछताछ की। जवाबों से संतुष्ट होते हुए उन्होंने बेहतर इलाज, त्वरित सेवाएं और दवाओं की नियमित उपलब्धता के निर्देश दिए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर चिंता, मानव संसाधन की दुरुस्ती के लिए कार्ययोजना
डीएम ने ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया और बताया कि मशीनें और तकनीकी साधन पर्याप्त हैं, लेकिन मानव संसाधन की कमी के कारण सुरगरी और जटिल ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि महिला सर्जन, ऑर्थो (हड्डी रोग) विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया डॉक्टरों की तैनाती के प्रयास त्वरित गति से किए जाएं। उनका कहना था कि ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं बहाल की जाएंगी और विशेषज्ञ इलाके के लोगों को अनावश्यक शहर तक भटकने से बचाया जाएगा।
डीएम ने आगे कहा कि कुछ विशेष सेवाएं बंद होने या ग्राउंड लेवल पर कमजोर होने की शिकायतें उन्हें लगातार मिल रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने सीएमएस और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट संदेश दिया कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
15 दिन का अंतर, आगे की निगरानी और कड़े निर्देश
सौ शैय्या अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए डीएम ने स्पष्ट समय‑सीमा भी तय की। उन्होंने 15 दिन के अंदर सभी खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए और यह भी कहा कि 15 दिन बाद वे अस्पताल पुनः निरीक्षण करने आएंगे। इस दौरान यदि व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त व्यवस्थापनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र द्विवेदी (छिबरामऊ SDM) को अस्पताल की नियमित निगरानी करने के लिए आदेश दिए। SDM को निर्देश दिए गए हैं कि वे कभी भी औचक निरीक्षण करें, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, इमरजेंसी और दवा स्टोर की व्यवस्था की समीक्षा करें और उपलब्ध रिपोर्ट डीएम के पास भेजें। इस तरह स्थानीय स्तर पर लगातार दबाव बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
बाइट—डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री
मीडिया के साथ बातचीत में डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा, “सौ शैय्या अस्पताल में जनता के पैसों से चल रही सुविधाएं बर्बाद नहीं की जा सकतीं। आईसीयू रूम में स्टोर रूम बनवाना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी। 15 दिन के अंदर व्यवस्थाएं पूरी तरह सुधर जाएंगी, ऐसा हमें विश्वास है। अगर फिर भी खामियां रहीं, तो जिम्मेदारी निश्चित रूप से तय होगी और कार्रवाई भी होगी।”
इस निरीक्षण के बाद अस्पताल के स्टाफ में स्पष्ट बेचैनी दिखाई दी। पिछले दिनों यहां विवादित ऑपरेशन और बिना विशेषज्ञ के सर्जरी जैसी घटनाओं के कारण अस्पताल का आधिकारिक रेपुटेशन पहले से ही खराब था। डीएम का यह कड़ा रुख जनता को संकेत दे रहा है कि प्रशासन अब जमीन से जुड़ी शिकायतों को जवाब देने के लिए तैयार है, चाहे उसके लिए किसी भी स्तर की निगरानी या फटकार की जरूरत पड़े।
निष्कर्ष
कन्नौज जनपद के छिबरामऊ क्षेत्र में स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी डॉ. आशुतोष मोहन अग्निहोत्री का कड़ा रुख जनता को यह संदेश देता है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी। आईसीयू रूम को स्टोर रूम बना देना, ऑपरेशन थिएटर की अक्षमता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी जैसी गंभीर खामियां देख डीएम ने सीएमएस को साफ‑साफ फटकार लगाकर जवाबदेही की भावना जगाई है।
15 दिन की समय‑सीमा और निरंतर निगरानी के निर्देश से स्पष्ट होता है कि प्रशासन अब बस दर्ज करने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिणामों पर नजर रखेगा। यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदारों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस घटना से अस्पताल प्रशासन को यह भी संकेत मिलता है कि सामान्य समय पर भी तत्पर रहना जरूरी है, क्योंकि औचक निरीक्षण किसी भी दिन आ सकता है और मरीजों की सुरक्षा हर स्थिति में प्राथमिकता होनी चाहिए।
