कन्नौज बेमौसम बारिश: फसलें चौपट, दुकानें उड़ीं
कन्नौज–अचानक मौसम का बदला मिजाज,तेज आंधी के साथ हुई बारिश में गिरे झमाझम ओलो ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें
कन्नौज में बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों की उड़ाई नींद: गेहूं-आलू फसल चौपट, दुकानों को भी लगी आग
कन्नौज. देर रात अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, आलू व मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। छिबरामऊ जीटी रोड पर फुटपाथ दुकानें हवा में उड़ गईं, लाखों का नुकसान हुआ।
किसानों पर दोहरी मार
जिले भर में बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसलें जमीनदोज हो गईं। गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है, जबकि आलू के खेतों में रखे डंप सड़ने लगे हैं। लगभग 20 प्रतिशत आलू किसानों ने कम दामों के कारण फसल डंप की थी, जो अब ओलों से प्रभावित हो गई। मक्का के पौधों की पत्तियां टूट गईं। तेज आंधी ने गेहूं को जड़ से उखाड़ फेंका।
किसान सुनील सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष भाकियू भानु ने बताया, “आलू के दाम गिरने से पहले ही परेशान थे, ऊपर से कुदरत का कहर। दैवीय आपदा में सरकार आर्थिक सहायता दे।”
दुकानदारों को भी नुकसान
छिबरामऊ जीटी रोड, कांशीराम कालोनी के पास सड़क किनारे रेडी पटरी दुकानों के टिन शेड और लकड़ी के खोंचे हवा में उड़ गए। सिकंदरपुर रोड पर फुटपाथ दुकानें धराशायी हो गईं। इससे आम लोगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
राहत की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग की है। रिपोर्टर दिलीप कश्यप ने बताया कि नुकसान का आंकलन जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की चेतावनी दी है।
निष्कर्ष
कन्नौज में बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों पर दोहरी मार की। गेहूं-आलू की फसल चौपट होने से आर्थिक संकट गहरा गया। जिला प्रशासन को तत्काल नुकसान सर्वे कर मुआवजा देना चाहिए।
