सहसवान: युवक की रिपोर्ट में बच्चेदानी का जिक्र, अस्पताल पर सवाल सहसवान: युवक की रिपोर्ट में बच्चेदानी का जिक्र, अस्पताल पर सवाल सहसवान: युवक की रिपोर्ट में बच्चेदानी का जिक्र, अस्पताल पर सवाल
बदायूं के सहसवान से सनसनीखेज मामला: युवक की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लिखी ‘बच्चेदानी’, हड़कंप मच गया!
UP NEWS UPDATE :बदायूं जिले के सहसवान कस्बे में डॉ. रामनिवास गुप्ता अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेट दर्द के कारण जांच कराने गए एक युवक की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में उसे ‘बच्चेदानी’ वाला बताया गया, जिससे पूरा परिवार स्तब्ध रह गया।
घटना का पूरा विवरण
गांव समसपुर भूड़ निवासी नेम सिंह ने 19 मार्च 2026 को सहसवान के डॉ. रामनिवास गुप्ता अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट में न केवल ‘बच्चेदानी’ (यूटरस) का जिक्र किया गया, बल्कि लिंग को भी पुरुष की बजाय स्त्री लिख दिया गया। नेम सिंह और उनके परिजन रिपोर्ट देखकर हैरान रह गए, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से असंभव था।
अस्पताल प्रबंधन ने इसे तकनीकी खराबी का मामला बताते हुए सफाई दी। डॉ. आदित्य गुप्ता ने कहा कि कंप्यूटर सिस्टम में फॉर्मेट गलत सिलेक्ट हो गया था, जिससे रिपोर्ट में यह त्रुटि आई। हालांकि, परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए स्वास्थ्य विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
यह घटना उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच में ऐसी गलतियां मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
परिजनों ने जिलाधिकारी और सीएमओ को शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है, लेकिन जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
निष्कर्ष
सहसवान के डॉ. रामनिवास गुप्ता अस्पताल में हुई यह लापरवाही स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर कड़ियों को उजागर करती है। नेम सिंह की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में ‘बच्चेदानी’ का गलत उल्लेख न केवल तकनीकी चूक दर्शाता है, बल्कि मरीजों के भरोसे को भी ठेस पहुंचाता है।
परिजनों की शिकायत पर जांच जरूरी है ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह मामला पूरे जिले में जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करता है।
