मेरठ के थाना परतापुर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक की कार से ₹5 लाख चुराने वाले ड्राइवर अमोल को गिरफ्तार कर लिया, जिससे चोरी की गई धनराशि और एक बाइक बरामद की गई।
परतापुर पुलिस को बड़ी कामयाबी चोरी की घटना का क्या सफल अनावरण चोरी किए गए रुपए एवं मोटरसाइकिल सहित एक गिरफ्तार
UP NEWS UPDATE :मेरठ: थाना परतापुर पुलिस को बड़ी कामयाबी, ड्राइवर ने मालिक की कार से ₹5 लाख चुराए, फिर खरीदी बाइक
मेरठ, 31 मार्च 2026. मेरठ के थाना परतापुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की गई धनराशि और मोटरसाइकिल सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद ही फैक्ट्री मालिक का विश्वासपात्र ड्राइवर था, जिसने अवसर देखकर अपने ही मालिक से भारी रकम चुरा ली थी।
चोरी की गई धनराशि और संदिग्ध व्यवहार
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अमोल पुत्र सुरेश, निवासी गांव बजोरट, थाना लोहियानगर, उम्र लगभग 23 वर्ष, पिछले तीन साल से उद्योगपुरम, मेरठ स्थित “स्वामी सुमन इलेक्ट्रिकल्स” फैक्ट्री के मालिक आशीष कुमार गोयल के यहां ड्राइवर के रूप में नियमित कार्यरत था। मालिक उस पर इतना भरोसा करता था कि वह उसे निजी कार्यों में भी साथ ले जाता था।
16 मार्च को जब मालिक अपने घर से एक बैग लेकर निकला, तो उसमें लगभग 5 लाख रुपए की नगद राशि थी और अमोल उनके साथ ड्राइवर था। 17 मार्च को जब आशीष कुमार गोयल ने बैग खोला तो पाया कि 5 लाख रुपए गायब हैं। इसी दिन से ड्राइवर अमोल लगभग 17 से 22 मार्च तक फैक्ट्री में अनुपस्थित रहा। 23 और 24 मार्च को वह आया और आगे के दिन बिना रिश्तेदारों के नाम पर छुट्टी लिए बिना ही छुट्टी पर चला गया, जिससे मालिक को आशंका हो गई।
बाइक खरीदी ने बढ़ाई संदेह की संभावना
आरोपी ने चोरी की धनराशि से एक मोटरसाइकिल खरीद ली, जिसका पता चलने पर मालिक को तुरंत शक हुआ। उसने आरोपी के बारे में परत्यापुर थाने में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद घटना की जांच शुरू हुई। 31 मार्च को आरोपी को थाना परतापुर अंतर्गत 4‑सी चौकी पर बुलाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में अमोल ने टाल‑मटोल की, लेकिन पुलिस की कड़ी पूछताछ और सबूतों के दबाव में वह चोरी करना स्वीकार कर बैठा।
पुलिस की सफल कार्रवाई और वसूली
आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने उसकी निशान‑देही पर आगे की कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 28,000 रुपए नकद और बिना नंबर प्लेट वाली एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। चोरी की गई धनराशि का बड़ा हिस्सा आरोपी ने अपने निजी खर्च और बाइक खरीदी में फूंक दिया था, जो पुलिस जांच में सामने आया।
पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेजा गया। इस गिरफ्तारी में थाना अध्यक्ष अजय शुक्ला, उप‑निरीक्षक विनोद कुमार अत्रि और उप‑निरीक्षक ऋषभ चौधरी सहित परतापुर थाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे उद्योगपुरम के व्यापारिक वर्ग ने सुरक्षा और कानून‑व्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना।
व्यापारिक समाज को जागरूकता का संदेश
पीड़ित फैक्ट्री मालिक आशीष कुमार गोयल ने बताया कि आरोपी उस पर इतना भरोसा जताता था कि वह उसे कार में साथ बैठाकर निजी कार्य पर भी ले जाता था, इसलिए चोरी की घटना धोखे की तरह लगी। व्यापारिक समाज ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और ईमानदार पुलिस उपस्थिति से व्यापार–आर्थिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की आशा जताई है।
इस तरह थाना परतापुर पुलिस ने न केवल चोरी की घटना का त्वरित अनावरण किया, बल्कि विश्वासघात करने वाले आरोपी को भी कानून की गिरफ्त में ला कर यह संदेश दिया कि गलत काम करने वाले अपराधी चाहे घर‑घर के विश्वासपात्र ड्राइवर हों, चाहे अन्य जगह, पुलिस उन्हें बचाने नहीं देगी।
निष्कर्ष
थाना परतापुर पुलिस की सख्त जांच और तेज कार्रवाई ने उद्योगपुरम के उस विश्वासघाती ड्राइवर को कानून की गिरफ्त में ला दिया जिसने मालिक की कार से 5 लाख रुपए चुराकर अपने निजी खर्च और एक बाइक खरीदी थी। घटना से यह भी साफ होता है कि विश्वासपात्र लोगों के खिलाफ भी सतर्कता रखना जरूरी है, क्योंकि छोटे झूठ, बदलता व्यवहार और अचानक आने‑जाने वाले खर्च ही अपराध की शुरुआत बन जाते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल कुछ धन और वाहन बरामद हुए, बल्कि यह भी संदेश गया कि गलत काम करने वाले अपराधी, चाहे वे घर‑घर के विश्वासपात्र ड्राइवर हों, उन्हें समाज और कानून दोनों से हिसाब देना होता है।
