कांग्रेस ने डोईवाला रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना में देरी और भूमि के उपयोग को लेकर प्रदेश सरकार का पुतला दहन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार का पुतला दहन

प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार का पुतला दहन
देहरादून। रानीपोखरी-डोईवाला क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना में देरी और आवंटित भूमि के कथित दुरुपयोग के विरोध में परवादून जिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन एस्लेहॉल चौराहे पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार जानबूझकर इस महत्वपूर्ण परियोजना को नजरअंदाज कर रही है, जिससे क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास का आधार बन सकता है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब मौके पर भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक पहुंच गए। स्थानीय लोगों द्वारा अपनी मांगों को लेकर सवाल उठाने पर पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा कई लोगों को हिरासत में लेकर रायवाला थाने ले जाया गया।
परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रानीपोखरी, डोईवाला में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय क्षेत्र के लिए बेहद अहम परियोजना है, लेकिन सरकार इस पर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में इस परियोजना के लिए आवंटित भूमि के उद्देश्य में यदि किसी प्रकार का बदलाव किया गया, तो कांग्रेस पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी और इसे लेकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए और कार्य शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।
निष्कर्ष
इस खबर का निष्कर्ष यह है कि डोईवाला रानीपोखरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना में हो रही देरी और आवंटित भूमि के उपयोग को लेकर जनता और कांग्रेस दोनों के बीच नाराज़गी तेज़ हो गई है। आंदोलनकारी इसे न केवल शैक्षणिक बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण परियोजना मान रहे हैं, इसलिए उनकी मांग है कि सरकार स्पष्ट रोडमैप के साथ प्रक्रिया शुरू करे और आवंटित भूमि का उद्देश्य न बदले, न ही उसे दुरुपयोग का शिकार बनाने दे। यदि ऐसा नहीं होता, तो जनआंदोलन और बड़ी राजनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न होने की संभावना स्पष्ट दिखाई दे रही है।
