फर्रुखाबाद में नवरात्रि की नवमी पर माता रानी के मंदिरों में भक्तों की भीड़, भोग और कन्या भोज के साथ व्रत का हो रहा समापन।
लोकेशन फर्रुखाबाद रिपोर्टर अमित कुमार
UP NEWS UPDATE :नवमी पर माता रानी की भक्ति में फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद में नवरात्रि की नवमी के पावन पर्व पर माता रानी के मंदिरों में भक्तों की भीड़ जमा हो गई। शहर और आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु सुबह–सुबह अपने घरों में हवन–पूजन कर मां दुर्गा को भोग लगाने मंदिरों की ओर रवाना हुए। नवमी के विशेष अवसर पर माता रानी को भोग अर्पित कर विशेष आस्था के साथ व्रत के समापन की तैयारी की जा रही है।
घरों में बनी खास चीजें जैसे हलवा, चना, खीर, पूड़ी आदि भक्तगण माता रानी के मंदिरों में लेकर पहुंच रहे हैं और भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। पूजा–अर्चना के बाद लोग अपने—अपने घरों में कन्या भोज भी करा रहे हैं, जिसके बाद नवरात्रि का व्रत समाप्त किया जाएगा।
मंदिरों में भक्तों की भीड़ और विशेष पूजा
फर्रुखाबाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित माता रानी के मंदिरों में नवमी के दिन भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। गुड़गांव स्थित मंगलादेवी मंदिर, पल्ला मंदिर, शीतला देवी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर सहित कई अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही घंटों कतार में लगे भक्तगण माता को भोग लगाकर आरती कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में धूप–दीप की खुशबू, घंटों की झनझनाहट, मंत्रोच्चार और भजन की धुनों से वातावरण पवित्र और भक्ति‑मय बना हुआ है। श्रद्धालु पूजारीजी से आशीर्वाद लेकर घर वापस लौट रहे हैं, जहां उनके परिवार सदस्य भी व्रत की तैयारी कर रहे हैं।
घरों में हवन–पूजन और कन्या भोज
इस दौरान अधिकांश घरों में नवमी के अवसर पर विशेष हवन और घरेलू पूजन का आयोजन किया जा रहा है। माता रानी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर फूल, फल, मिठाई और खास व्यंजनों से भोग लगाया जा रहा है। इसके बाद घरों में कन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नौ ब्राह्मण कन्याओं को विशेष भोजन के साथ दक्षिणा और उपहार दिए जा रहे हैं।
कन्या भोज के बाद श्रद्धालु नवरात्रि के व्रत का समापन करते हैं और अगले दिन से सामान्य आहार शुरू करने का व्रत तोड़ा जाएगा। यह परंपरा लोगों के लिए न केवल धार्मिक रूप से, बल्कि पारिवारिक एकता और सामाजिक बंधन को भी मजबूत करने वाली मानी जाती है।
लोकेशन फर्रुखाबाद
रिपोर्टर – अमित कुमार, फर्रुखाबाद
निष्कर्ष
नवरात्रि की नवमी ने फर्रुखाबाद में माता रानी की भक्ति की एक खास झलक दिखाई है। मंदिरों में भक्तों की भीड़, घरों में हवन–पूजन और कन्या भोज के माध्यम से यह पर्व आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का सुंदर मिश्रण बन गया है। इस तरह नवरात्रि का व्रत न केवल धार्मिक रूप से, बल्कि पारिवारिक सुख और सामूहिक आराधना के साथ समाप्त हो रहा है।
