फर्रुखाबाद कोतवाल रिश्वतकांड: ग्राम प्रधान पर दबाव
ग्राम प्रधान गीता देवी ने अधिकारियों पर तहरीर बदलवाने के लगाए आरोप
UP NEWS UPDATE :फर्रुखाबाद पुलिस पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप: कोतवाल विनोद शुक्ला की रिश्वतखोरी, ग्राम प्रधान का खुलासा
फर्रुखाबाद, 25 मार्च 2026: कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के निसाई गांव में ग्राम प्रधान गीता देवी ने कोतवाल विनोद शुक्ला पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगाया है। एसपी के संज्ञान में मामला आने के बाद भी अधिकारियों ने तहरीर तीन बार बदलवाई, जिसमें कोतवाल का नाम हटाने की कोशिश की गई। पीड़िता का परिवार दबाव और धमकियों से भयभीत है।
ग्राम प्रधान का आरोप: सुविधा शुल्क की मांग
ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि कोतवाल विनोद शुक्ला ने जमीन विवाद के मामले में कानूनी कार्रवाई के नाम पर “सुविधा शुल्क” मांगा। उन्होंने दावा किया कि लगभग 2.50 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन वसूले गए। एसडीएम के आदेश के बावजूद पुलिस ने ग्राम सभा की जमीन खाली कराने में सहयोग नहीं किया।
गीता देवी ने कहा, “पुलिस अधिकारी कोतवाल को बचाने में लगे हैं। जांच के नाम पर घर आकर दबाव बनाया जा रहा है। हमें मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी मिल रही है।” कोतवाल पर पहले भी औरैया सदर कोतवाली में FIR कॉपी बिकवाने के चलते निलंबन हो चुका है।
अधिकारियों की भूमिका: तहरीर में हेरफेर
पीड़िता के अनुसार, एसपी को शिकायत मिलने पर जांच शुरू हुई, लेकिन अधिकारियों ने तीन बार तहरीर बदलवाई ताकि कोतवाल विनोद शुक्ला का नाम हट जाए। दारोगा सुरेश चाहर पर भी रिश्वत लेने का आरोप है। एडिशनल एसपी अरुण कुमार ने जांच में आरोप सत्य पाए, जिसके बाद सुरेश चाहर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ और गिरफ्तारी हुई।
एसपी का एक्शन: कोतवाल पर जांच के आदेश
एसपी आरती सिंह ने कोतवाल विनोद शुक्ला पर जांच बैठा दी। ASP और CO को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोतवाल पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ग्राम प्रधान का परिवार अब भी भयभीत है और न्याय की अपील कर रहा है।
यह मामला फर्रुखाबाद पुलिस में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर कर रहा है। जांच का पूरा ब्योरा सामने आने पर बड़ा खुलासा हो सकता है।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली में कोतवाल विनोद शुक्ला पर रिश्वतखोरी के आरोपों ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम प्रधान गीता देवी के दावों के बावजूद तहरीर बदलवाने की कोशिशें और दबाव ने मामला और जटिल बना दिया है। एसपी की जांच से सच्चाई सामने आएगी, जो भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का संदेश देगी।
